“अशोक खेमका ईमानदारी की सजा “

Posted by Ram Kishor Soothwal
November 19, 2017

Self-Published

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“अशोक खेमका ईमानदारी की सजा “
नमस्कार साथियों

दोस्तों हिन्दी में एक कहावत है कि “सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं”
हमारे देश में सत्ता के द्वारा बार बार ईमानदारी का जिक्र करती रहती हैं लेकिन जब कोई ईमानदार खड़ा हो जाये तो सत्ता बैचेन हो उठती है… मैं ज़िक्र कर रहां हूं 1991 बैच के आईएएस (IAS) अफसर अशोक खेमका का.. जिनकी 24 साल की सेवा में 51 वा तबादला… यानि लगभग हर 6 माह बाद तबादला….

हरियाणा में खेमका हमेशा विपक्ष की आंखों का तारा बने रहे लेकिन जब वो ही विपक्ष सत्ता में आया तो खेमका उनकी आंखो में चूभने लगे…. हर पार्टी की सरकार ने उनको लगातार काम नहीं करने दिया… यानि जब भी वो अपने विभाग में व्यापत भ्रष्टाचार हो या गैर कानूनी काम हो उनको बेनकाब करने की सोची उनका तबादला कर दिया गया…. अब सवाल यह है कि हर बार खेमका जी को ही ईमानदारी की सजा क्यू मिलती है..

खेमका जी की तबादलो की लम्बी लिस्ट हैं… कुछ की जानकारी आपके लिए पेश कर रहां हूं….

1.बंसीलाल और भजनलाल की सरकार में 7-7 बार तबादला किया गया था…

2.चौटाला की सरकार में 9 बार तबादला किया गया…. 2004 में चौटाला ने बीच सत्र में ही शिक्षको का तबादला आर्डर जारी कर दिया लेकिन खेमका ने मानने से इंकार कर दिया नतीजा तबादला कर दिया गया…

3.अब बारी आती हैं हूड्डा सरकार की इनके शासनकाल में सबसे ज्यादा 22 बार खेमका जी को ईमानदार होने की सजा दी गयी…2012 में खेमका ने सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच जमीन की डील रद् कर दी थी…. हूड्डा के शासन में इनको चार्जशीट तक जारी की गयी थी…

4.अब मौजूदा खट्टर सरकार जो कि कांग्रेस के शासन में खेमका जी को लेकर विपक्ष पर तंज कसती थी उन्होने भी वही किया जो पिछली सरकारे कर रही थी… अक्टूबर 2014 से सत्ता में आयी बीजेपी के कार्यकाल में खेमका का 5 वां तबादला है…. क्यू खटके खट्टर की आंखो में.. इसकी भी वजह है कि सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के डायरेक्टर रहते हुए खेमका ने बिना कागजात के पायी गयी 3 लाख 22 हजार लोगों की पेंशन बंद कर दी थी…. इसके कारण विभाग के मंत्री बेदी और सीएम खट्टर को राजनैतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता था ….

देश की सत्ता लोलुप राजनीति यहीं चाहती हैं कि इस देश में कोई अफसर ईमानदार नहीं हो सिर्फ उनके हाथो की कठपुतली बन कर काम करता रहें…. लेकिन खेमका जैसे शानदार अफसर एक नजीर है देश के उन तमाम नौकरशाही के लिए जिनकी रगो में ईमानदारी का खून दौड़ता है…. बस अंत में इतना ही कहना चाहूंगा कि राजनीति बहुत गंदी है देश की… लेकिन ईमानदारी कभी खत्म नहीं होगी देश में जब तक खेमका जैसे अफसर है राजनीति के खिलाफ लड़ने के लिए…

अशोक खेमका जी आपकी ईमानदारी को मेरा करोड़ो सलाम… हमें आप पर गर्व है… लड़ते रहिए शक्ति आपको मिलती रहेगी…
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