आंखे और बलात्कार!

Posted by Sarthak Nagyan
November 26, 2017

Self-Published

बलात्कार से घिनोना शब्द शायद ही कोई हो । एक ऐसा शब्द जिसे सुनकर रूह कांप जाती है लेकिन आज इस शब्द को उस जगह से उठाकर जहाँ एक बलात्कारी किसी को छूता है पीड़ित का शोषण करता है। वह एक खिलौना समझता है जिस्म को भूखे ओर पागल कुत्ते की तरह नोचता है जिस्म । लेकिन मुझको बताओ क्या जब कोई लड़की किसी गली से गुजरती है और गाली के वो पागल कुत्ते जो उसे घूर कर देखते है क्या वो बलात्कार नही है । मैं कहता हूं वो बलात्कार है । जब तक इस समझ को ये बात समझ आएगी न जाने टैब तक कितनी मासूम दरिंदो का शिकार हो चुकी होंगी।हमें लड़ना है उनसे जो सिर्फ नियत से बलात्कार कर देते है एक माँ का एक बहन का एक औरत का ।

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