आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नाम खुली पाती

Posted by Sanjay Kumar
November 6, 2017

Self-Published

मोदी जी खबरों में आपको एक छोटे से बच्चे भूटान के नन्हे राजकुमार के साथ खेलते अठखेलियाँ करते देखा। दिल को बहुत सुकून मिला। लगा कि आपके अंदर भी एक इंसान बसता है जिसके अंदर एक दिल है जो बच्चों से इंसानों से प्यार करता है। उस खबर को देखकर लगा कि अभी भी आपमें संवेदनाएं हैं। मेरा मानना है कि हर एक इंसान में एक संवेदनशील दिल होता है हालांकि ये अलग बात है कि वो किसके लिए धड़कता है, किसके लिए पसीजता है। आपकी सरकार की विदेशमंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज भी उस बच्चे पर बेहद प्यार लुटाती नजर आईं। महामहिम राष्ट्रपति का परिवार भी बच्चे पर प्यार लुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। इसी प्रकार जब आपके विशेष मित्र मुकेश अम्बानी के खा खाकर मुटियाये बेटे ने अपना वजन कम किया था तब भी आप उससे स्पेशल मिले थे जैसे कि वह टैक्स चोरी करके मालामाल होने वाले एक पूंजीपति का बेटा न होकर राष्ट्रीय पुत्र हो। ऐसे ही जब अमित शाह के पुत्र जय शाह का नाम अवैध रूप से 16000 गुणा सम्पत्ति में वृद्धि के आरोप लगाए गए तब भी आपकी सरकार उसके बचाव में उतर आई थी, जैसे वे आरोप उस पर न होकर आपकी ही सरकार पर हों। इसी तरह अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे पर भी आपकी सरकार द्वारा अनुचित लाभ के तथ्य सामने आ रहे हैं। द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल द्वारा संचालित इंडिया फाउंडेशन में नरेंद्र मोदी सरकार के चार मंत्री निदेशक हैं. यह संस्थान कई ऐसे विदेशी और भारतीय कॉरपोरेट्स से चंदा लेता है, जो सरकार के साथ सौदे भी करते है।
यह बहुत ही अच्छी बात है कि आपके साथियों में प्यार मोहब्बत अभी बाकी है। बस मेरी एक तमन्ना है कि आपका ये प्यार, ये लाड़ ये दुलार देश के करोड़ों गरीब बच्चों के लिए क्यों नहीं झलकता है। आपकी पार्टी के हिंदुत्व के सबसे बड़े फायरब्रांड योगी जी के राज में एक ही महीने में सैंकड़ों बच्चे ऑक्सिजन के अभाव में दम तोड़ गए जिन्हें बचाया जा सकता था। जिन्हें अभी फूल बनना था वो फूल खिलने से पहले ही इस बेरहम व्यवस्था द्वारा कुचल दिए गए। लेकिन योगी सरकार के सिपेहलसार दुःख जताने की बजाए मृतक बच्चों के परिवार के जख्मो को कुरेदते रहे। लेकिन आपके 2 प्यार के शब्द के लिए तरसते रहे वो परिवार।
आपकी पार्टी द्वारा प्रशासित एक अन्य राज्य झारखंड में भी एक 11 वर्षीय बालिका संतोष कुमारी भूख से दम तोड़ गई क्योंकि राशन कार्ड में उसका नाम आधार से लिंक नहीं था और इस बेरहम व्यवस्था के पहरेदारों ने इंसानियत को ताक पर रख सिर्फ इसीलिए उसे राशन देने से मना कर दिया और संतोष की माँ के पास भूख से तड़पती अपनी बच्ची को देखने के अलावा कोई चारा नहीं था। मेरे भारत देश महान के लाखों बच्चे स्कूल और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं, सर्दी-गर्मी, बरसात में खुले आसमान के नीचे खाली पेट रात गुजारने को मजबूर हैं। आप विदेश में भी किसी बच्चे की मौत पर तुरन्त सोशल मीडिया पर ट्वीट कर दुख जताते हो कितना अच्छा होता यदि आप अपने देश में इन लाखों मासूमों की इस हालत पर कोई दुख या संवेदना व्यक्त करते।
अगर आप वाकई बच्चों से इतना प्यार करते हैं, उनके प्रति इतने नरम दिल हैं, इसलिए आपसे ये गुजारिश है कि अपने नुमाइंदों को भी कुछ नसीहत दें कि बच्चों से कैसे पेश आया जाए। आपको इतिहास में अमर होने की जबरदस्त चाहत है। इसीलिए आपने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान जैसे अभियान चलाए लेकिन दूसरी तरफ पूंजीपतियों के फायदे के लिए आपने अपनी लोकप्रियता को दांव पर रखकर भी नोटबन्दी और जीएसटी जैसे कदम उठाए जिसकी वजह से करोड़ों अरबों जनता और अर्थव्यवस्था को बड़ा नुक्सान उठाना पड़ा। लेकिन आपको नहीं भूलना चाहिए कि इस देश का मुखिया होने के नाते इतने सारे बच्चों की मौत का दाग आपके ही सिर आएगा। इन मासूम बच्चों की हत्या के लिए इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा। चाहे हिटलर हो, मुसोलिनी या चंगेज खान सबको गुमनाम मौत मरना पड़ा और आज तक इतिहास में वो नफरत से ही याद किये जाते हैं। इसलिए एक मुफ्त की सलाह है कि नफरत और घृणा की राजनीति की जगह प्रेम और सौहार्द की राजनीति कीजिये। अम्बानी, अडानी, माल्या जैसे धनपशुओं को फायदा करने की जगह जनपक्षीय राजनीति करिये ताकि इस देश की अरबों जनता को फायदा हो और उन्हें बुनियादी सुविधाएं हासिल हों और देश की असली जनता का विकास हो, तभी इस देश के अरबों लोग आपको हमेशा अपने दिलों में याद रखेंगे। आपको एक मौका मिला है इस देश के लिए काम करने का। इन हजारों, लाखों बच्चों की आंखों से आंसू पोंछिए, इन्हें जीने का हक दीजिये, इनके सपनों को उड़ान दीजिये; देखिये आपको कितनी खुशी मिलेगी।
इन्हीं उम्मीदों के साथ एक आम नागरिक।

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