क्यों हुआ…( हिंदी शायरी )

Posted by Shekhar's Poems.ircle
November 12, 2017

Self-Published

क्यों ऐ खुदा तूने यह कहर मुझ पर बरसाया है…
दो दिलों की चाहत को क्यों तुने ठुकराया है…
वो जान, वो जान मेरी जान मैं बसती थी…
जिस जान को तूने अपने पास बुलाया है …

ये लफ्ज़ मेरी मोहब्बत के…
तू जुदा ना कर पाएगा…
सबका मालिक भले ही हो, तू ए पाक खुदा…
मेरी मोहब्बत को तू उससे जुदा ना कर पाएगा…

ये दिल मुसाफिर है, उसकी गलियों का आज भी…
ये दिल गुलाम है, उसकी मासूमियत का आज भी…
मेरे एक हिस्से में आज भी वो बस्ती है…
ये दिल हमेशा ही रहेगा उसका, मेरे मरने के बाद भी…

जा और माफ कर देना मुझे मेरी गुस्ताखी की…
दिल बड़ा रख कर चाहत रखता हूं मैं, माफी की…
उजाड दी तूने बनी बनाई दुनिया मेरी…
बुला ले मुझे भी वही अब काटनी है, जिंदगी बाकी की…

-shekhar

©shekhar’s poems.ircle

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