जहा चंद रुपयो मे इज़्ज़त खरीदी जाती है (Garstin Bastion Road)

Posted by Dheeraj
November 2, 2017

Self-Published

दिल्ली मे बहुत से  मार्ग है जिसका नाम हम बहुत इज़्ज़त से लेते है परन्तु एक ऐसी सड़क भी है जिसका नाम हम जल्दी किसी के आगे या परिवार के लोगो के सामने लेना पसंद नहीं करते वो है  जी-बी रोड,
जी हा वही जी-बी रोड जिसका  का पूरा नाम  (Garstin Bastion Road, ) है,
बहुत कम सड़क होती है जिस का निक नेम भी होता है उन मे से एक है जी-बी रोड,
इस के बहुत नाम है, यही लिखता रहूँगा तो समय की बर्बादी होगी और शायद मुददे की बात नहीं बोल पाउँगा
जिस दिल्ली पर लोग घमंड करते है, उसी दिल्ली मे शाम को कई जिंदगी अपना जीवन चलाने के लिए कुछ लोगे के हवस का शिकार होती है, या दूसरे शब्दों मे कहा जाये तो इज़्ज़त नीलाम  होती है, जहा हम हमेशा इज़्ज़त की बात करते  है वह इज़्ज़त की असली क्या कीमत है वो जी-बी रोड मे पता चलता है, जहा चंद रुपयो मे इज़्ज़त खरीदी जाती है, यहाँ बेचना शब्द बहुत गलत होगा क्युकी वो उनकी मज़बूरी है,
लोग की नज़र मे जी-बी रोड की वो छवि बन चुकी है जिस का सच मे वो हक़दार नहीं है,
लोग वहा जाने से पहले कई दफा सोचते है, कई तरह की तश्वीरे बनती है उनके दिमाग मे,
मै तो यही कहूँगा की जी-बी रोड जाना गलत नहीं है,बात रही वहा की कुछ ऐसे मकानो की जिस का नाम हम कोठा दे चुके है या पुराने समय से बोला जा रहा है, ये हमारे सोचने के ऊपर है की हम जी-बी रोड को किस नज़र से देखते है, वहा की पुरनि दीवारे वह के लोगो की टूटे हुए इरादे को वया करती है,
वहा के जो हालात है उस के जिम्मेदार वहा  के लोग नहीं अर्थववस्था है, इस की भी एक अपनी कहानी है, लोगो की मज़बूरी उन्हे यहाँ  खींच लाती है या कभी कभी जबरदस्ती का शिकार होती है  , बात रही मज़बूरी की तो इस का मतलब देश मे ज़मीनी ईश्तर पर कोई विकास नहीं हुआ है जिस की मज़बूरी उन्हे इस दलदल मे खीच लाती है जिस दलदल मे आने के बाद कोई बाहर निकल नहीं सकता
या बात की जाये जबरदस्ती की तो ये सीधा सीधा हमारे देश की सच्चाई बताती है,
वहा के कोठे पर काम करने वाली से पूछा जाये की इस समाज मे जहा इज़्ज़त की बात बहुत होती है वह वो अपनी जीवन को  दिन-प्रतिदिन  को कैसे चलाती है किस किस समस्याओ का सामना करती है?

इस पर लिखने को बहुत कुछ है परन्तु सही समय नहीं

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