निकालना होगा हमें खुद को बॉडी इमेजवाली सोच से बाहर

Posted by Rachana Priyadarshini
November 15, 2017

Self-Published

”अरे, वो शर्मा जी की बेटी पम्मी को देखा है? कैसी फुलबॉल हुई जा रही है. अगर यही हाल रहा, तो कौन करेगा इससे शादी?”
”ओह जरा ध्यान से बैठना इस सोफे पर, कही धंस न जाये.”
”तुम तो मॉडल करने की सोचना भी मत. ये मोटे लोगों के वश की बात नहीं.”
ऐसे न जाने कितनी और कैसी-कैसी टिप्पणियां सुननी पड़ती है अक्सर मोटे लोगों को. मजाक ही सही, लेकिन ऐसी टिप्पणियां से उनके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचती हैं, जिनके लिए ये की जाती हैं. आखिर समझ नहीं आता किसी के दुबले या मोटे होने से बाकियों के पेट में खुजली होती है. अरे भई चाहे कोई मोटा हैं या दुबला, गोरा है या काला, जो भी है जैसा भी है, अपने घर में है. आपका क्या जाता है? जरूरी तो नहीं कि हर मोटे इंसान के मोटापे की वजह दिनभर खाते रहना ही हो. कई बार वंशानुगत कारणों या फिर किसी बीमारी की वजह से भी इंसान मोटा हो सकता है. लेकिन नहीं, आपलोगों ने तो कसम खा ली है कि उन्हें चैन से रहने नहीं देंगे. उसे ‘मोटी भैंस’, ‘कद्दू’ जैसे तरह-तरह के नामों ने नवाजेंगे ही, उसका मजाक बनायेंगे ही. ऐसे लोगों की वजह से ही कई लड़के और लड़कियां अपने मोटापे को अभिशाप समझने लगते हैं. 
          खैर, ऐसे मोटे लोगों को बॉलीवुड की स्टैंड अप हास्य कलाकार व अभिनेत्री भारती सिंह से सीख लेनी चाहिए. पंजाब के अमृतशहर से आयी भारती आज टीवी वर्ल्ड का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्होंने कई कॉमेडी शो होस्ट किये हैं. डांस शो ‘झलक दिखला जा’ का हिस्सा रही हैं. ‘बिग बॉस’ के कई सीजन में मेहमान के तौर पर आ चुकी हैं. साल 2012 में इंडियन टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड्स में बेस्ट अभिनेत्री का पुरस्कार जीत चुकी हैं और बॉलीवुड में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी हैं. पर एक समय ऐसा भी था, जब उन्हें भी अपने मोटापे की वजह से लोगों के कमेंट सुनने पड़ते थे. भारती कहती हैं- ”जब मैंने कॉमेडी शो की प्रतियोगिता में इंट्री ली थी, तो उस वक्त महसूस करती थी कि लोग मेरी उपस्थिति का मजाक बना रहे हैं. हालांकि इससे पहले कि वे कुछ करते, मैंने खुद ही अपना मजाक बनाना शुरू कर दिया. दरअसल हमें खुद पर हंसना सीखना चाहिए. तब बाकी लोग खुद आपका मजाक बनाना छोड़ देंगे. वैसे मजाक को मजाक के तौर पर लेना चाहिए, दिल पर नहीं लेना चाहिए. अगर आप खुद का मजाक नहीं बना सकते, तो आपको दूसरों का भी मजाक नहीं बनाना चाहिए. कई बार लोग मुझे हाथी बोलते हैं. क्या मैं वो बन जाती हूं? मैं इंसान हूं और इंसान ही रहूंगी, तो इसमें बुरा क्या है.”

खुशमिजाज और शौकीन होते हैं मोटे लोग
प्रसिद्ध व्यक्तित्व मनोवैज्ञानिक क्रेशमर और शेल्डन के अनुसार छोटे कदवाले, भारी-भरकम और गोलाकार शरीर वाले लोग अक्सर सामाजिक खुशमिजाज और खाने-पीने के शौकीन होते हैं. भारती भी कुछ ऐसी ही हैं. 95 किलो वजन होने पर भी उन्होंने कभी अपने मोटापे को खुद पर हावी होने नहीं दिया. वह हर पल लाइफ को फुल ऑन एंजॉय करने में यकीन करती हैं. रोज सुबह ग्रीन टी पीती हैं. तीन-चार घंटे डांस की प्रैक्टिस करती हैं. पिछले कुछ समय में डायटिंग के जरिए उन्होंने शादी के लिए अपना 10 किलो वजन घटाया है. फिलहाल वह खुद से आठ साल छोटे  अपने ब्यॉयफ्रेंड और मंगेतर हर्ष लिंबाचिया के साथ आगामी 3 दिसंबर को होनेवाली अपनी शादी की तैयारियों में बिजी हैं. हर्ष एक जाने-माने स्क्रिप्ट राइटर हैं एक्टर हैं. कपिल शर्मा के शो से अलग होने के बाद जब भारती ने कलर्स चैनल पर अपना कॉमेडी शो ‘कॉमेडी नाइट बचाओ’ शुरू किया, तो वह काफी पॉपुलर हुआ. इस शानदार शो के स्क्रिप्ट राइटर हर्ष ही हैं. इससे पहले वह कॉमेडी सर्कस की स्क्रिप्ट भी लिख चुके हैं. इन दोनों के रिलेशनशिप के बारे लोगों को ‘नच बलिए-8’ से पता चला था. इस शो में यह डांस जोड़ी काफी हिट रही थी.

       भारती के इस जिंदादिल अंदाज और डिटरमिनेशन से हर उस इंसान को सीख लेने की जरूरत है, जो अपने आपको किसी भी तरह से कमजोर या कमतर समझते हैं. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि शारीरिक सुंदरता ही सबकुछ नहीं होती. हर इंसान के अंदर कोई-न-कोई टैलेंट अवश्य होता है, जिस पर ध्यान देकर वह दुनिया में अपनी एक पहचान बना सकता है, क्योंकि टैलेंट हैज नो बाउंड्री.   

    वैसे कई लोगों व संस्थाओं द्वारा लोगों मन में बैठे इस बॉडी स्टीरियोटाइप इमेज को तोड़ने की पहल शुरू कर दी गयी है. यह निश्चित रूप से एक अच्छी खबर है. गत सितंबर महीने में बैंग्लुरु की कुछ महिलाओं ने मिल कर एक थियेटर ग्रुप क्रियेट किया है. इस ग्रुप की खासियत यह है कि इसमें केवल प्लस-साइज फिगर वाली महिलाएं ही शामिल हैं. इसी वजह से इस ग्रुप का नाम भी उन्होंने ‘Big Fat Company’ रखा है. वास्तव में इस थियेटर का कॉन्सेप्ट ग्रुप कॉरपोरेट ट्रेनर से थियेटर के फील्ड में आयीं अनुराधा राव का है. अनुराधा खुद भी प्लस साइज बॉडीवाली महिला हैं. वह ऐसे सभी लोगों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना चाहती थीं, जहां वे खुल कर अपनी फीलिंग्स और अपने टैलेंट का प्रदर्शन कर सकें. अनुराधा के अनुसार- जब हम कोई मूवी या नाटक देखने जाते हैं, तो अक्सर पर्दे पर हीरो-हीरोइन के रूप में स्लीम-ट्रीम व परफेक्ट बॉडी इमेलवाले व्यक्ति की कल्पना करते हैं. प्लस साइज बॉडीवाले लोगों को हम अक्सर लोग कुछ स्पेशल टाइपकास्ट इमेज से बांध कर ही देखते हैं, जबकि ऐसा थोड़े न है कि उनमें दूसरा कोई टैलेंट होता ही नहीं है. पिछले कुछ सालों में विद्या बालन, सोनाक्षी सिन्हा, भूमि पेडनेकर जैसी अभिनेत्रियां बॉलीवुड में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकी हैं. पिछले साल लैक्मे फैशन वीक ने भी प्लस-साइज फैशन शोज के जरिये इस दिशा में पहल की है. रागिनी राव, तनेशा अवस्थी जैसे ब्लॉगर्स आज स्पेशली ऐसे लोगों के फैशन ट्रेंड को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं. इसके अलावा अमेजन, मित्रा, वेस्टसाइड जैसे ग्लोबल ब्रांड भी अब ऐसे लोगों की मार्केट डिमांड पूरी करने के लिए आगे आये हैं.  भले ही यह संख्या कम ही सही, लेकिन इसे एक आानेवाले समय के लिए एक अच्छा संकेत माना जा सकता है.

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