नेहरू का अपमान क्यों?

Posted by Vivek Kumar Shukla
November 16, 2017

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

दिल आहत है कुछ संवादों से,
इतिहास के कुछ विवादों से।

माना की बंटवारे का कुछ अंश दोषी वो,
भौतिकता और आयासी में लिप्त रहा वो।

पर था उसे सम्मान हर विचारों का,
स्वीकार था राजनीति उसे सभी का।

देश का वो पहला प्रधान था,
विदेशों में उसका भी बहुत मान था।

दुनिया जब गुटों में बट एक युद्ध की ओर बढ़ी थी,
तब उसने अपने सुचिता से अलग राह पकड़ी थी।

बंटवारे और आजादी के बाद लड़खड़ाते देश को उसने संभाला,
शैश्व्य अवस्था में आये हिन्दुस्तान को पाला।

उसके जयंती को तुम उसे दुत्कारते हो,
क्या अपने घर में बाप को भी ऐसे ही पुकराते हो।

देश की दशा जो भी है सब उसके दोषी,
फिर नेहरू का ही अपमान क्यों?
तुमने कुछ किया या नहीं ये इतिहास बतलायेगा,
फिर स्वमुख स्वगुनगान क्यों?

बुजुर्गों को अगर तुम उचित सम्मान नहीं दे पाओगे,
वर्षों बाद तुम भी नहीं इस देश में सम्मान पाओगे।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.