पढ़ाई के नाम पर सिर्फ़ धोका

Posted by Anubhav Veer Shakya
November 15, 2017

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मैं आगरा विश्व विद्यालय से सम्बद्ध एक विद्यालय धर्म समाज कालेज का छात्र हूँ , मैं स्नातक के अंतिम वर्ष का छात्र हूँ और प्रथम वर्ष से ही कालेज प्रशासन तथा विश्वविद्यालय की लापरवाही का प्रत्यक्ष दर्शी हूँ और ये शब्द मात्र मेरे अकेले के हैं किन्तु इसके पीछे भावनाए सैकड़ों छात्रों की है यहां ना तो समय से प्रवेश होते और ना ही परीक्षा !

हाँ हर वर्ष कालेज में सुधार के चर्चे तो चलते हैं और काफ़ी हद तक सुधार होता भी है किन्तु इमारत बनने से विद्यालय की सार्थकता सिद्ध नहीं होती विद्यालय की सार्थकता तब है तब वहां छात्रों को उचित अध्य्यन कराया जाये!

वर्ष के शुरू में कहा जाता है कि 75% कक्षाऎं करना अनिवार्य है , किन्तु उसके लिये अध्यापक तो आतें नहीं है छात्र कहाँ से आयेंगे ! कुछ अध्यापकों को छोड़ कर अध्यापक जी पुरे वर्ष क्लास में तक नहीं आते!  शायद यूथ की आवाज से कुछ बात बने !

                  धन्यवाद

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