पद्मावती विवाद

Posted by Shubham Jat
November 27, 2017

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पद्मावती विवाद

पुरे देश में हर कोई अपने तरीके से पद्मावती विवाद पर अपनी राय दे रहा हे,तो हम भी हाजिर हे अपनी राय लिए!

मुद्दा कुछ यूँ हे संजयलीला भंसाली ने एक पिक्चर बनाई पद्मावती जो आधारित हे मो. मलिक जायसी (कवि) की रचना पद्मावत पर, जब इसकी शूटिंग राजस्थान में चल रही थी तो कुछ राजपूत संगठनो ने पिक्चर के विरोध में सेट पर तोड़ फोड़ की और भंसाली साहब को दो चार जमेड दी राजपूत संगठनो का कहना था की भंसाली ने पिक्चर में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़खानी की हे और राजपूत परम्पराओ को गलत ढंग से दिखाया हे और साथ ही ख़िलजी और रानी पद्मिनी के कुछ आपत्तिजनक दृश्य भी पिक्चर में दिखाए गए हे । फिर क्या था हर कट्टर हिन्दू निकल पड़ा अपने धर्म की रक्षा करने “रानी पद्मिनी के सम्मान में हर हिन्दू मैदान में” कुछ ने तो रानी पद्मिनी के सम्मान में उनका किरदार निभा रही दीपिका पादुकोण का नाक काटने की सुपारी तक दे डाली ( ठीक वेसे ही जैसे कई कट्टर मौलवी हर तीसरे दिन किसी का कुछ काटने का फ़तवा जारी कर देते है) उसके बाद हमारे कई नेताओ ने अपने अपने वोट बैंक को देखते हुए पिक्चर की रिलीज अपने राज्यो में बेन करने का आदेश जारी कर दिया वही कुछ ने अभिव्यक्ति की आज़ादी बता कर पिक्चर को सपोर्ट किया ।

अब बात यह आती हे की होना क्या चाहिए ? सेंसर बोर्ड यह देखे की पिक्चर में कही कुछ आपत्तिजनक हे क्या , क्या ऐतिहासिक तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया गया हे ,क्या पिक्चर के किसी दृश्य से किसी की भावनाओ को ठेस पहुच सकती हे और ऐसा कुछ आपत्तिजनक पाया जाता हे तो पिक्चर को पुरे देश में बेन किया जाय मगर बिना कुछ जाने की पिक्चर में क्या दिखाया गया हे उसका विरोध करना वो भी हिंसक तोर पे वो भी पूरी तरह से गलत हे और बात जब हिन्दू धर्म या संस्कृति को बचाने की होती हे तो में यह समझता हु की हिन्दू धर्म नही एक जीवनशैली हे और इसको कोई कैसे नुकसान पंहुचा सकता हे, जब सैकड़ो वर्षो के मुस्लिम और ब्रिटिश राज में कोई इसका कुछ नही बिगाड़ पाया तो अब आज के मोदी राज में कोई इसका क्या बिगाड़ सकता है।

जय हिन्द

जय भारत

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