बाल सुरक्षा का अभियान “सफरनामा@25YearUNCRC”

Posted by Ramkumar Vidyarthi
November 14, 2017

Self-Published

अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौते के 25 साल होने जा रहे हैं | इस सन्दर्भ में संस्था निवसीड बचपन द्वारा बाल सुरक्षा अभियान “सफरनामा@25Year” चलाया गया है | बाल दिवस 14 नवम्बर से से निर्भया दिवस 16 दिसम्बर तक बच्चों के मसले पर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है |

सफरनामा अभियान की शुरुआत मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में खेले गए बाल सुरक्षा केन्द्रित तीन नाटकों के साथ हुआ | इसके साथ ही बाल पंचायत के बच्चों की काव्य गोष्ठी का प्रसारण दूरदर्शन भोपाल द्वारा किया गया | अगले दिनों में सूखी सेवनिया स्कूल में अंतर शालेय खेल प्रतियोगिता एवं ओल्ड कम्पियन स्कूल में बाल अधिकार प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है |

जीवन खोते दुःख ढ़ोते बचपन का दृश्यांकन –

शहरी गरीब बस्तियों में रहने वाले कामकाजी बच्चे खेलकूद और आराम से दूर बालश्रम और शोषण के शिकार हैं |  ईश्वर नगर बाल समूह ने बालश्रम नाटक के जरिये बदलते कानून के बीच फंसे बच्चों के सवालों को उठाया तो मुस्कान संस्था से जुड़े बाल नाट्य समूह ने कचरा बीनने वाले बच्चों के साथ काम के दौरान होने वाले छेड़छाड़ तथा शिक्षा में होने वाले भेदभाव के अनुभवों को नाटक में साझा किया । कर्मा ग्रुप ने स्कूल से बाहर काम करते बच्चों का सच दिखाया |

 

नाटक खेलना बच्चों का हक़ –

इस मौके पर म.प्र. नाट्य विद्यालय के निदेशक संजय उपाध्याय ने नंद नगर बस्ती पटना के वंचित बच्चों से जुड़े नाट्यकर्म के अनुभव सुनाये। उन्होंने कहा कि नाटक खेलना बच्चों का हक़ है | प्रोफेसर के के राजन ने कहा कि बालश्रम का आज भी बने रहना चिंता का विषय है जिसे खत्म करने के लिए राजनैतिक ईच्छा शक्ति की जरूरत है। सफरनामा अभियान के बारे में निवसीड के संजय सिंह ने जानकारी दी | टी डी एच संस्था प्रतिनिधी शर्मीली बासु ने कहा की यह बच्चों के हक़ में एक्शन करने का वक्त है |

 

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