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“बिहारी”

Posted by VIVEK KUMAR
November 24, 2017

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बिहारी ,

ये एक ऐसा शब्द है , जिसे मैं चाहता हूँ बैन कर दिया जाए , कुछ दिन पहले माननीय प्रधानमंत्री जी ने “विकलांग” शब्द को बदल कर “दिव्यांग” नया शब्द दिया , यह एक छोटा मगर सराहनीय कदम था ।

उसी तरह “बिहारी” को बदल कर कुछ और कर देना चाहिए । अभी कल की बात है , पानीपुरी खाने एक खोपचे पर रुका , बोला भैया पानी खट्टा या मीठा मत रखना हमे थोड़ा तीखा देना । वह तपाक से बोला भैया आप बिहार से हैं क्या , गुस्सा बहुत आया , मेरे कानों में बिहारी शब्द देर तक गूंजता रहा ।

दो दिन बाद 26 नवंबर है , इसी दिन 1949 में  सविंधान को हमारे देश में स्वीकार किया गया, काश की उसमे ये प्रावधान भी होता कि लोंगो को उनके राज्य के हिसाब से बिहारी, मराठी, पहाड़ी , बंगाली, गुजराती, आसामी नहीं बुला के केवल भारतीय ही कहा जायेगा , और पूरा देश सबका अपना होगा ।

 

उस दिन बहुत सोचने के बाद भी मुझे ऐसा कभी नही लगा कि बिहारी होना पाप है , याद है मुझे 2015  यूपीएससी का रिजल्ट जिसमे 1078 कैंडीडेट सफल हुए थे , इतना चार्म क्यों है बिहार के छात्रों को यूपीएससी का , आई ए एस बनने का ,  अब तो “आनंद” सर् के गाइडेंस में “सुपर 30” आई आई टी में हर साल कमाल कर रहे ।

मैं एक फार्मास्यूटिकल कंपनी में काम करता हूँ , एक बात दावे के साथ कह सकता हूँ , अगर बिहारियों ने काम करना बंद कर दिया तो कोई भी इंडस्ट्री सरवाइव नही कर पायेगी । सबसे ज्यादा मैनपावर सप्लाई बिहार से ही होती है , इसका सबसे ज्यादा भार भारतीय रेलवे पर है , जिसमे बिहारी लोग ठूँस ठूँस कर जाते हैं ,

जाने कितने छुटभैये बिहारियों के ऊपर राजनीति करके बड़े नेता बन गए ।

सबसे अच्छा उदाहरण मनसे है जिसका उद्देश्य है सिर्फ बिहारियों को मुम्बई से भगाना , ये काम 2008 से लगातार करते आ रहे वो लोग ।

एक बात जो 16 आने सच है , बिहारी बहुत ही मेहनती होते हैं । कृपया इनका फायदा न उठायें , इनका मजाक न बनाये ये भी हमारे आप जैसे ही इंसान हैं । इनकी सरकार इनके बारे में सोचना शुरू कर दें तो ये कुछ भी कर सकते हैं। 

 

सह्रदय धन्यवाद।

विवेक (cologyvek@gmail.com)

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