भारत की आत्मा पर प्रतिघात है – राजनीति

Posted by Ram Devasi
November 15, 2017

Self-Published

वर्तमान दौर की राजनीति भारत की आत्मा पर चोट है, भारत की अंतरात्मा को बहुत ही ठेस पहुंच रही है। राजनीति अपनी मूल कर्तव्यों और नैतिक जिम्मेदारी से परे असमानता, अराजकता, आपसी वैमनस्य और द्वेष की भावना की उत्पत्ति कर रही है। जब कोई चुनाव नजदीक आने लगते है राजनेताओ की देश के प्रति सारी जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है और आरोप प्रत्यारोप का नया विषैला दौर प्रारंभ हो जाता है जो कि भारत की एकता और अखंडता के लिए बहुत ही भयावह है। समय के अनुसार बेपरवाह और लापरवाह राजनेता भारत को सांस्कृतिक और राजनैतिक दृष्टिकोण से विचलित कर देते हैं। भारत आज रो रहा है बहुत ही शर्म की बात है हम सब के लिए कि ऐसा महान भारत जिसके लिए लाखों वीर शहीद हुए, अपने प्राणों की आहुति दी और हम उसकी आत्मा पर वार कर रहे हैं। भारत देश मे सरकार देश की नही अपने दल की हुई है हमेशा से ही जिसे देश की नही हमेशा ही अपने दल की चिंता लगि रहती है। भारत मे रहकर जब हम संगठित और एकीकृत नही रह सकते है फिर पाश्चात्य संस्कृति से हम क्या उम्मीद रख सकते हैं। भारत की आंखे आज नम है उसकी आँखों मे आज मुझे अश्रु दिखाई देते है इसके लिए जिम्मेदार और नाकाम हमारी राजनैतिक व्यवस्था है। जब समय चुनाव का आता है किसी ना किसी कि अप्रत्याशित घटना के रूप मे कथित चल अचल दृश्य विडियो के रूप मे देश के समक्ष पेश किये जाते है और जनता को बरगलाने की नाकाम कोशिश की जाती रही है, अगर वाकई मे देश के लिए भला चाहते हो तो सर्वप्रथम आरोप प्रत्यारोप की राजनीति पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाए तत्काल प्रभाव से। भारत के टुकड़े ना करो, भारत को ना बांटो हम सब एक है और एक ही रहेंगे।भारत को तोड़ने और बांटने का सारा श्रेय अव्यावहारिक नेताओ को जाता है 🙏🙏

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