मिलिए बिहार के आधुनिक चाणक्य संजय झा से

Posted by Mayank Pathak
November 17, 2017

Self-Published

क्यों गिरी महागठबंधन की सरकार?

बिहार ने भारतीय राजनीतिक इतिहास में को कई बार रास्ता दिखाया है, चाहें वो 1917 में गांधी का सत्याग्रह हो या 1975 का जयप्रकाश का “सम्पूर्ण क्रांति” आंदोलन ये भारतीय इतिहास में मील का पत्थर साबित हुए जिसने भारतीय राजनीति को बदल दिया।जुलाई 2017 में नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड के द्वारा महागठबंधन छोड़ फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में आना भी भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव था,क्योकि नीतीश कुमार की पार्टी विपक्षी एकता की एक धुर्व थी और मोदी के मुक़ाबले 2019 में नीतीश कुमार एक सशक्त उम्मीदवार थे। लेकिन राजनीति ऐसे पलटी की मोदी के विरोध वाले विपक्षी एकता की धज्जियां उड़ गई।तो ऐसा क्या हुआ कि नीतीश कुमार मोदी के साथ चले गए और किसने वो संभव किया,ये जानने के लिए हमें जून 2017 के लालू प्रसाद यादव के उस  इंटरव्यू को समझना पड़ेगा जिसमे उन्होंने कहा था कि “मधुबनी के एक झा है जो महागठबंधन को गिराना चाहते है”।तो कौन थे वो जिन्होंने सरकार गिरा दी।दिल्ली और पटना की सियासत को समझने वाले जानते है कि जिस व्यक्ति का ज़िक्र लालू यादव कर रहे थे वो जदयू के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा थे,और बहुत लोग ये भी मानते है कि संजय झा ने ही सरकार गिरा दी।क्या इतिहास ने बिहार की धरती पर खुद को दोहराया है क्योंकि संजय झा की जो जन्मस्थिली है उससे 100 किलोमीटर की दूरी पर भारत के सबसे बड़े कूटनीतिज्ञ चाणक्य की भी जन्मस्थली थी।तो कैसे और क्यो बदले नीतीश कुमार और इस घटना ने बिहार ही नहीं देश की राजनीति बदल दी।
हमने जदयू के संजय झा से बात की और जानना चाहा कि क्यो अलग हुए नीतीश कुमार और क्या संजय झा बिहार के नए चाणक्य है?
प्रश्न-लालू यादव ने कहा था कि मधुबनी के एक झा है जो महागठबंधन की सरकार गिराना चाहते है,और सरकार एक महीने बाद गिर गई, क्या आप ही वो व्यक्ति है जिन्होंने सरकार गिरा दी??
उत्तर-मुझे नही पता कि लालू यादव किस झा की बात कर रहे है,लेकिन एक बात स्पष्ट है कि नीतीश जी ने पूरी कोशिश की महागठबंधन कायम रहे,लेकिन हमारे गठबंधन के सहयोगियों ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि कोई चारा हमारी पार्टी के पास नहीं बचा।
प्रश्न-क्या आप बिहार के चाणक्य है और क्या इतिहास ने बिहार की धरती पर दुहराया?
उत्तर-ये ज्यादा होगा।मैंने कोई बदला नही लिया।नीतीश कुमार जी पूरे भारत और विश्व मे गुड गवर्नेंस और अपने काम की वजहों से जाने जाते है लेकिन 20 महीने में सरकार चलाने मुश्किल हो गया था,जब मैं दिल्ली पढ़ने आया था तब बिहारी एक गाली जैसा था,नीतीश जी ने बिहार को विकास का मॉडल दिया,लेकिन राजद के साथ अगर 6 महीने रहते तो हालात 2004 जैसे हो जाते।
प्रश्न-आप एमएलसी थे 2006-12 में राज्यपाल कोटे से,लेकिन आपने हमेशा मिथिलांचल में काम किया ऐसा क्यों?
उत्तर-मैं जिस मिथिलांचल से आता हूं वो बहुत पिछड़ा है,कोई भी सर्वे कर लिजीये मिथिलांचल सबसे नीचे आएगा,तो मैंने ये ठान लिया कि मिथिलांचल में विकास करना है।
प्रश्न-जब मिथिलांचल के चुने हुए राजनेता काम नही कर रहे है,जिनकी जिम्मेदारी है तब आपके जैसा व्यक्ति जो लुटियन्स की राजनीति करता है वो क्यो चीजों को बदलने की कोशिश कर रहा है?
उत्तर-मैं जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ा हूँ, क्रांति की सोच  है आपने जन्मभूमि के लिए कुछ अच्छा करना है।
प्रश्न-आपने आल इंडिया मेडिकल इंस्टीटूट और दरभंगा से उड़ान की पहल की और आप क्या क्या करेंगे?
उत्तर-मैंने अरुण जेटली जी और नीतीश कुमार जी से वार्ता की और सकारात्मक परिणाम आएंगे,जो कुछ बन पड़ेगा वो करूँगा।कोशिश जारी रहेगी।मातृभूमि की सेवा हर हाल में करेंगे।

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