मुहब्बत…?

Posted by Sadaf Kamran
November 12, 2017

Self-Published

Sadaf Kamran

मुहब्बत…..मेरी नज़र मे!

आख़िर क्या है ये मुहब्बत…?

कौनसी बला है ये मुहब्बत…?

   ……………………………

मेरी नज़र मे मुहब्बत एक विश्वाश है….एक आशा है!

    ❣मुहब्बत है तो दुनिया है!

     मुहब्बत है तो जीवन है💞!

 

मुहब्बत का सबसे क़रीबी मिशाल अगर मुझे मेरी ज़िंदगी मे मिला तो वो ये है…

वो अल्लाह… वो खुदा… वो रब… जिसे कभी आजतक हमने देखा नही..; महसूस किया है! ये लगाव उस खुदा से… और उस खुदा का हमसे…’ये मुहब्बत ही तो है’💛!

मुहब्बत ने कभी अमीरी गरीबी नही देखी….।

पता है!… चाहे कोई ग़रीब हो, या फिर अमीर… चाहे कोई महल के नीचे रहता हो.. या फिर के झोपड़ी के नीचे…; जब भी कभी इनलोगो को कोई ज़ुरूरत होती है…तो सब के सब बस एक ही खुदा से मांगते और फरयाद करते  है….!

    वाक़ई🙂 कितना खूबसूरत रिश्ता है न उस रब का अपने बंदो से… चाहे कोई गरीब हो या अमीर, काला हो या गोरा..वो सभो को बेहिसाब देता है…”मेरी नज़र मे तो ये खूब लगता है… वाक़ई बेमिशाल मुहब्बत है ये”

दोस्तो…★

एक माँ जो बच्चे को जन्म देती है…जिसकी वजह से हम-आप ये दुनिया ये संसार है..!

    जब एक माँ एक बच्चे को जन्‍म देती है तो माँ चिंखती है😢, चिल्लाती है😥, ये दर्द ये पीड़ा दुनिया में सबसे भयंकर दर्द है। एक बच्चे को जन्म देने में एक माँ को इतना भयावह दर्द होता है जितना बीस हड्डियों के एक साथ फ्रैक्चर होने में दर्द होता है😔…!

     ज़रा सोचे🤔 कितना दर्द होता है जब हमारा आपका हाथ ज़रा सा भी कट जाता है तो हम चिंख उठते है🗣… पर एक “माँ!”… मेरी क़लम मे इतनी ताकत नही के मैं “माँ” की मुहब्बतों पर कुछ लिख सकूँ.. मेरी आंखो ने आजतक कोई ऐसे शब्द ही नही देखे… जो की माँ की मुहब्बतों का वर्णन कर सके..!

वाक़ई बहुत ही खूबसूरत है ये मुहब्बत💕!

एक बाप जो के ज़िन्दगी भर अपने बच्चे की खुशयों के लिए, बच्चे को पढ़ाने-लिखाने, अच्छा से अच्छा कपड़ा पहनाने और खाना खिलाने के लिए अपनी जवानी, अपनी ज़िन्दगी खत्म कर देता है😥….. मेरी नज़र👁 मे तो यही मुहब्बत है…!

साहब मुहब्बत तो वो बला है… जिसकी वजह से हज़ारो दुश्मनी..दोस्ती मे बदल गई…. “वाक़ई बहुत खूब है ये मुहब्बत”💟!

💚मेरी नज़र मे मुहब्बत तो ये भी है… के जब एक इंसान दूसरे इंसान से बग़ैर मिले.. उसके लिए जीने लगे… अपनी ज़िन्दगी मे उसकी बातें.. उसके रहन-सहन को अपने मे ढालने लगे…”ये मुहब्बत ही तो है”!

आप इस अंजान से दोस्त (सदफ) जिसको न तो आप जानते हो..न पहचानते हो.. मगर आप उसके ख़्यालो को पढ़ रहे हो…..”जनाब! ये मुहब्बत ही तो है”💓

मुहब्बत से ही दुनिया🌎 कायम है..!

साहब लाखों-करोड़ो मिशाले है मुहब्बत की…. अब फिर कभी…!

तब तक के लिए…खुदा हाफ़िज़!

आपका दोस्त:-

     सदफ कामरान…📜

Note!

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