मै बड़ा हो गया हूँ

Posted by Shubham Gupta
November 22, 2017

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

हमेशा हिम्मत और possitive thinking की बात करने वाले पापा , जब बेबसी और थकान भरी आवाज में कहते हैं कि ” बेटा अब थोड़ी बहुत तबीयत खराब ही रहेगी … उम्र जो हो गई है | तब लगता है कि मैं बड़ा हो गया हूं…..

 

घर की problems को मुझसे छुपाने की बजाय अब  जब खुलकर मुझसे ही discussion होता है , तब लगता है कि मैं बड़ा हो गया हूं…..

 

माँ के आंचल में दुनिया भर की सभी बलाओं से सुरक्षित मैं जब उनके मुंह से यह सुनता हूं कि ” शुभम के साथ जा रही हूं तो दिक्कत कैसी ” तब लगता है कि मैं बड़ा हो गया हूं ….

 

घर से daily कम से कम एक बार फोन आने की परंपरा जब कभी भी टूट जाती है तब लगता है कि मैं बड़ा हो गया हूं ….

 

मेरी छोटी से छोटी चीजों को खुद खरीदने वाले पापा जब मेरे expensive खर्चों को नजरअंदाज करते हैं तब लगता है कि मैं बड़ा हो गया हूं …..

 

किसी रिश्तेदारी की शादी में buy one get one free वाले offer के तहत किसी के भी साथ लटक लेने वाले हम से आज जब यह पूछा जाता है कि फलाने की शादी में क्या उपहार दिया जाए तब लगता है कि मै बड़ा  हो गया हूं….

 

मात्र 2 घंटे के सफर में 10 बार घर वालों के फोन आने की संख्या आज जब 24 घंटे के सफर में भी दहाई का आंकड़ा पार किए बिना ही दम तोड़ देती है ….तब लगता है कि……….😢😢😢😢

समाप्त

शुभम सूफियाना

Email- shubhamgupta171095@gmail.com

Mobile – 9807964931

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.