रॉबर्ट कौन था ?

Posted by Ravindra Mina
November 25, 2017

Self-Published

हर कोई सत्ता के य नुस्खे खोजता है कि हम जनता को पागल बनाकर वोट लेकर रहेगे ओर जब सत्ता मिल जाती है तो रॉबर्ट नही मिलता की वह कहा रहता था । यही भारत में पॉपलुर लोकतन्त्र की पहचान बन रही है । जहाँ मूल मुद्दे कोसो दूर छूट जा रहे है और जनता भी भावना नामके तत्व में लीन होकर अपने कष्ट धोने के लिये मूर्ख बन जाती है और जब नींद खुलती है तो फिर घड़ी की सुई वही नज़र आती है जहाँ थी । और लोकतंत्र में कुछ मुठीभर लोग बिना वोट ओर चोट से मजे लूट लेते है । इसे अंग्रेजी में डांसिंग डेमोक्रेसी कहते है ।

सत्ता-शाह की सवारी के युद्ध मे पता ही नही चलता कि सत्ता का लक्ष्य क्या है ! और आमजन को कोनसा लोकतंत्र चाहिय । सब तरफ माया का पर्दा छा गया है , हर तरफ डूब डूबी बजाते मीडिया माफिया गैंग घूम रहे है जो आमजन को भावनात्मक नशे से युक्त मंजन बेच रहे है । नार्थ इंडिया नामके जम्बूदिप में जयकारे के साथ मंजन की पिचकारी चल रही है और भोले महादेव के फिल्मी गरियाना बाजी  अब तक ऑफिसियल नही आई है, जय काशीनाथ ।

जल्द 2018 की रणफेरी  बजने वाली है और फिर आमजन हेतु नया मंजन कांति वाला जारी होने को  हिमालय की गुफा में तैयार हो रहा है । जिसमे बर्फानी बाबा का तड़का है जो काशीनाथ में नही था ।

जय हो जाय हो👏

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.