वर्तमान सँवारोगे तभी भविष्य सँवरेगा और आने वाला इतिहास भी

Posted by Mohit Yadav
November 17, 2017

Self-Published

इतिहास को लेकर तो आए दिन हंगामा होता रहता है मगर जो वर्तमान बर्बाद हो रहा है इस देश का, उसको लेकर कहीं कोई रोष दिखाई नहीं पड़ता।
शिक्षा के बाज़ारीकरण ने किस क़दर इस देश की जवानी को बर्बाद किया है इसको लेकर कभी कोई सवाल नहीं करता। उदाहरण के तौर पे आप निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के आँकड़े उठाकर देखिए कि कितने छात्रों ने प्रवेश लिया और कितनों को रोज़गार मिला, इक्का दुक्का अपवादों को छोड़ दें तो आपको समझ आ जाएगा कि कैसे ये कॉलेज उच्च शिक्षा के नाम पर भारत की जवानी को बर्बाद करने का प्रोजेक्ट चला रहे हैं और प्रशिक्षित युवा बेरोज़गारों की खेप दर खेप निकाले जा रहे हैं।शिक्षित बेरोज़गारों की एक पूरी फ़ौज मौज़ूद है इस देश में जो पूरी व्यवस्था की नाकामी दर्शाता है , लेकिन व्यवस्था को लेकर कोई सवाल नहीं करता।
दरअसल सभी राजनीतिक दल अपने मक़सद में कामयाब हो चुके हैं, उन्होंने लोगों से “जनता” की पहचान छीनकर गुटों में बाँट दिया है, हर किसी की अपनी -अपनी दलगत निष्ठाएँ हैं,जनता का कहीं कोई नामोनिशान नहीं है।
भारत के सभी राजनीतिक दलों को शुक्रिया अदा करना चाहिए,उन असंख्य बेरोज़गार नौजवानों का, जो किसी भी चुनाव में बेरोज़गारी को मुद्दा नहीं बनाते।
बेहद शानदार जवानी मिली है मेरे देश को!!

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