वाकई संगीत मुर्दो के शरीर में जान डाल देती है.

Posted by quadirsahab
November 1, 2017

Self-Published

वाकई संगीत मुर्दो के शरीर में जान डाल देती है.

स्पताह में एक दिन बच्चो को संगीत सिखाया जाता है और बच्चे उस दिन सबसे अधिक अनन्द लेते है.

आप को बताते चलें कि #सी_ए_एफ_पी_इंडिया लग-भग दो सालों से #शीवा_कैंप के बच्चों पर काम कर रही है. आज के तारीख में कोई ऐसा बच्चा #शिवा_कैंप में नहीं है जो स्कूल न जाता हो. सब बच्चों को हमने स्कूल से जोडा है.

जब दो साल पहले हमने इस कैंप में काम करना शुरू किया तो बच्चों का हाल ये था के शायद ही कोई बच्चा स्कूल जाता था. उन बच्चों की कोई ऐसी बात बीना गाली के पूरी नहीं होती थी. तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थ का सेवन उनके लिए आम था. बस आप यूं समझ लें कि वो भूल गए थे के वो बच्चे हैं.

#सी_ए_एफ_पी_इंडिया के प्रोजेक्ट #बचपन_को_जीने_दो के तेहत हमारी टीम ने वहां कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम चालाए साथ ही #फ्री_इवनिंग_क्लास जो पिछले दो सालों से बीना किसी छुट्टि के हर रोज़ शाम में दो घंटे चलाया गया जो आज भी बिना किसी नागा के चल रहा है.

दिल्ली पब्लिक पुस्तकाल्य से सम्पर्क करके उनके मोबाइल लाइब्रेरी को भी स्पताह में एक दिन इन बच्चों के लिए उपलब्ध कराया गया. इन बच्चों को समय़ समय पर दिल्ली के शैक्षनिक एवम अन्य जगहों पर घुमाने भी ले जाया जाता रहा

हमने अथक हो कर काम किया, उनके माता पीता को भी समझाया, वहां के समाजिक कार्यकरता, नेता एवम पुलिस का भी हमारे इस काम में बडा सहयोग रहा है.

हमारे लिए सबसे बडा चुनौती इन बच्चों उनके बचपना में फिर से लौटाना था. इन में से कई बच्चे इस बार कक्षा दस की परिक्षा देंगे. हमारा प्रयास आगे भी जारी रहेगा.

मैं आपको आमत्रित करता हूँ कि आप आकर हमारे इस छोटे से प्रयास को सराहें और साथ में ये सपथ लें कि आप के आस पास कोई ऐसे बच्चा बाकी न रह जाये जो शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो रहा हो.

#रज़ा_क़ादिर

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