वो खाली है

Posted by Deepali Verma
November 15, 2017

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खाली हुँ मै उस बोतल सा जिसमे कभी नशा हुआ करता था।
एक बोतल जब दूसरे से टकराती है तो वो आवाज़ सुनि है?
दो खाली बोतलों का टकराना।
आज मिला कोई बरसों बाद जो मुझसा ही खाली है।
वक़्त और इतेफाक से टकराना भी हुआ।
टूटे तो हम दोनों ही नहीं।
पर सोचता हूँ ये टकराने पर जो आवाज़ आयी,क्या मै इसी खालीपन के तलाश में था।
कोई खाली मुझसा,जो इस आवाज़ को जीवन भर जीवित रखे।
बार बार टकराये पर टूटे नही,कभी नही।
शायद तुम भरी हुई बोतल थे,तभी तो तुमसे टकराने पर वैसी आवाज़ नही आई।
तुमसे टकराने पर मुझमे कई दरारें पड़ी पर उससे टकराने पर भी मै नही टूटा ।
क्योंकि वो तुमसा नही है ,वो खाली है ,वो मुझसा है।


~Deepali Verma

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