क्या होता है ‘एग्स फ्रीज़’ करना और क्यों कर रही हैं कामकाजी महिलाएं ऐसा?

Posted by Er Dev Anand in Health and Life, Hindi
November 30, 2017

कुछ समय पहले एक न्यूज़पेपर में मैंने खबर पढ़ी कि एक 32 वर्षीय अविवाहित शोधार्थी छात्रा पढ़ाई के लिए अमेरिका गई, 4 साल बाद जब वे अपने शहर वापस लौटेंगी तब उनकी शादी होगी। ऐसे में उन्होंने डॉक्टर से सलाह के बाद एक बैंक में अंडाणु अर्थात एग (Egg) फ्रीज़ करा दिए जिससे शादी के बाद 38 से 40 साल की उम्र में मां बनने में समस्या ना आए। ऐसे ही एक और खबर थी कि एक लड़की जिसकी 34 साल की उम्र में शादी हुई, वह भी मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर के करियर के चलते अभी और 3 साल तक बच्चा नहीं चाहती है। उन्होंने एग बैंक (Egg Bank) में अपने एग प्रिज़र्व करा दिए हैं। 4 साल बाद प्रिज़र्व एग से वो गर्भधारण कर सकेंगी, उन्हें इसमें समस्या नहीं आएगी।

मुझे यह चीज़ें पूरी तरीके से समझ में नहीं आ रही थी। एक दिन दिल्ली जाने का मौका मिला, वहां पर मेरे कुछ मित्र थे जो आज डॉक्टर हैं। उनसे मिलकर मुझे इस बारे में और जानकारियां प्राप्त हुई।

यह सही है कि आज की महिलाओं के लिए करियर पहले है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे मां बनने का सुख नहीं लेना चाहती है। ऐसे में अविवाहित लड़कियों में एक नया ट्रेंड आया है कि वह करियर को आगे करने के लिए अलग से ही प्लानिंग कर रही हैं। शादी के बाद कई कारणों से गर्भधारण में पहले काफी दिक्कतें होती थी, पर इस समय इतनी सुविधाएं हैं, मेडिकल टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि अब समस्याएं उतनी नहीं रही। उन्हीं में से एक है अधिक उम्र में विवाह करना और उसके बाद गर्भधारण में समस्याओं से जूझना।

‘एग फ्रीज़’ बड़ा ही नया जानने योग्य शब्द था। जब मैंने इसके बारे में बातचीत की तो मुझे पता चला कि आमतौर पर महिलाओं में गर्भधारण की उम्र 15 से 40 साल तक होती है। उम्र बढ़ने के साथ अंडाणु की गुणवत्ता खराब होती जाती है। 35 वर्ष की उम्र में शादी के बाद गर्भधारण में कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि इस उम्र की महिलाओं को मां बनने के लिए एग बैंक से किसी और के अंडाणु लेने पड़ते हैं। ऐसे में करियर को प्राथमिकता दे रही अविवाहित लड़कियां 30 से 32 की उम्र में ही एक फ्रीज़ करा रही हैं।

आइए जानते हैं कि एग फ्रीज़ कैसे होता है –

पीरियड्स के 12 में से 14 दिन तक अंडाणु या एग बनते हैं और इसी समय गर्भधारण हो सकता है। इस दौरान आईवीएफ सेंटर में हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकी ज्यादा एग बने। उनकी गुणवत्ता (quality) की माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है और अच्छी क्वालिटी के 10 से 15 एग लिक्विड नाइट्रोजन में  -170 से -200 डिग्री सेल्सियस के टेंपरेचर पर प्रिज़र्व कर दिए जाते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक यह एग 7 साल तक सही रहते हैं।

इस तरह से फ्रीज़ किए गए एग्स द्वारा आईवीएफ टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर गर्भधारण कराया जाता है। एग की गुणवत्ता की ट्रांस वैजाइनल अल्ट्रासाउंड से जांच की जाती है। एग फ्रीज़ करने की अब कई तकनीकें आ चुकी हैं, लेकिन परंतु सबसे नवीनतम तकनीक “विट्रीफिकेशन ऑफ ओसाइट्स टेक्नोलॉजी” के द्वारा फ्रीज़ किए गए एग से गर्भधारण के रिजल्ट अच्छे आते हैं। इसके लिए ₹5000 महीने से लेकर कई सालों तक एग फ्रीज़ करने के लिए एक लाख रुपये लिए जा रहे हैं।

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