Being independent

Posted by Veer Chaudhary
November 20, 2017

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

मैं सोचता हूँ कि मैं आजाद हूँ .मैं जो करना चाहता हूँ वो करूंगा .पर सोचने वाली बात यह है कि, मैं जो करना चाहता हूं वो क्यूँ नहीं कर पाता? इसका मतलब तो ये हुआ कि मैं आजाद नहीं हूँ. मै गुलाम हूँ. पर किसका?

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.