कमलेश का मीम बनाकर हंसने तक ही सीमित है ड्रग अब्यूज़ को लेकर हमारी समझ

Posted by पर शांत in Child Rights, Hindi, News
November 1, 2017

बीते दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिका की सड़कों की तुलना मध्य प्रदेश की सड़कों से कर खुद का मज़ाक बनवा लिया। इसके बाद सोशल मीडिया में ज़ोर-शोर से उनके मीम चले, जिसमें उनकी वो तस्वीर तेज़ी से वायरल हुई, जब उनको कुछ सहयोगी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गोदी में बैठाकर रास्ता पार करवा रहे थे।

ये सोशल मीडिया का युग है, टेक्नोलॉजी का युग, यहां जानकारी बिजली के तारों में दौड़ते करंट से भी तेज़ी से भाग रही है। यहां अापने कुछ बोला नहीं और वहां सोशल मीडिया एक बड़ी सेना तैयार बैठी है जो एक इशारे पर डिजिटल नुकीले तीरों से, बिना खून का एक कतरा निकाले आपको लहूलुहान कर देगी। इसलिए यहां थोड़ी संजीदगी ज़रूरी है।

खैर, ये तो रही राजनीति की बात, इससे इतर कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर Soluchan(solution) नाम से एक और वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के मीम्स और पोस्ट्स भी काफी ज़्यादा वायरल किये गए। नशे की आदत से पीड़ित बच्चे का यह गंभीर वीडियो लोगों की नज़र में मज़ाकिया मीम में कब बदल गया है, पता ही नहीं चला। असल में जिस ‘धुन..धुन… धुन…’ की आवाज़ को सुनकर हमारे मुंह से बस हंसी फूट पड़ती है, वो शायद इस उभरते भारत की कड़वी और भयावह सच्चाई है, जिसे शायद हम समझ ही नहीं पाए।

वीडियो में यह साफ है कि बच्चा इंटरव्यू के दौरान भी पूरी तरह नशे में है। शायद इसलिए वह हर चीज़ को बहुत बेहतर ढंग से बता पाया है।

‘उड़ता पंजाब’ फिल्म आने से पहले शायद हम में से पंजाब में बहुत से लोग पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या से वाकिफ ही नहीं थे। लेकिन फिल्म आने के बाद बहुत से लोगों को पता चला कि यह असल में कितनी जटिल समस्या है, जिससे आज देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक, पंजाब जूझ रहा है।

असल में अगर हम आंकड़ों की तरह थोड़ा गौर करें तो पाएंगे, भारत में हर दिन बढ़ते ड्रग्स के कारण 10 आत्महत्याएं होती है। तमाम मुहीम के बावजूद पंजाब में तकरीबन 1.7 लाख से 2.7 लाख लोग इस समस्या से जूझ रहें है। बड़े-बड़े भाषणों में जब भी भारत की बात की जाती है तो युवाओं पर बड़ा ज़ोर दिया जाता है, बताया जाता है कि आने वाले कुछ वर्षों में भारत की तकरीबन 65 प्रतिशत आबादी 30 वर्ष से कम यानी युवा वर्ग की होगी।

ऐसे में युवाओं में बढ़ते नशे की आदत एक गंभीर समस्या है, जिसपर सरकार को जल्द से जल्द संज्ञान लेना चाहिए। Saluchan/ soluchan/ Sulochan नाम से चल रहे इस वीडियो पर सरकार या स्वास्थ्य विभाग के किसी अन्य अधिकारी से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

युवाओं में बढ़ती नशे की संलिप्तता का ताज़ा उदाहरण जम्मू कश्मीर का है, हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2016 के बीच नशे के मामले में 85% की बढ़ोतरी हुई है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। ड्रग सहित कई अन्य मामलों की बात की जाए तो जहां 2014 में इसके 14,500 मामले थे वो 2016 में बढ़कर 33,222 हो गए हैं।

कमलेश जैसे ही कूड़ा उठाने वाले हज़ारो बच्चे हर रोज़ इस तरह के खतरनाक नशे के फेर में फंसते जा रहे हैं, जिनसे निकलना और भी ज़्यादा मुश्किल होता है। हमारी आम ज़िंदगी में मौजूद ऐसी कई चीज़े हैं जिन्हें गंभीर नशे के रूप में प्रयोग किया जाता है। इनमें दर्द में प्रयोग होने वाला बाम iodex, नेलपॉलिश रिमूवर, बूट पॉलिश जैसी कई चीज़े हैं, जिन्हें बड़ी है आसानी से गम्भीर नशे के रूप में प्रयोग किया जाता है।

नशे में धुत्त.. धुन… धुन… धुन… वाला विडियो असल में हमें समाज की उस हकीकत के रुबरु कराता है, जिसे शायद हम खुली आंखों से भी देखने में असमर्थ हैं। यह एक ऐसी गंभीर समस्या है, जो अंदर ही अंदर भविष्य की युवा पीढ़ी को खोखला कर रही है।

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