Jehaad

Posted by Dawood Madni
November 23, 2017

Self-Published

15, 3:02 PM] Screen Writer: Title:JEHAD,Content:यह कहानी शुरू होती है उन तिन लड़को से जो जालना नामक एक छोटे से शहर मे रहते है।उन तीनो की आपस मे पकी दोस्ती होती है।उन तीनो लड़को के नाम इस प्रकार होते हैँ,पहलेका नाम सोहेल मदनी दूसरे का नाम हबीब शेख और तीसरे का नाम तारिक़ खान होता है।यह तीनो ही मुस्लिंम होते है।सोहेल के पिताजी का चप्पल का वयवसाय होता है,वह उसके पिताजी के साथ जालना मे दुकान चलाता है। दूसरा हबीब शेख उसका फ़ोटो स्टूडियो होता है परतुर नामक एक गांव मे जो की वह अपने भाई के साथ चलाता है।और जालना से परतुर रेल से आना जाना करता है।और तीसरा तारिक़ खान कॉलेज मे वाणिज् की पढाई करता है।और उसके पिताजी एक आयल कपंनी मे मैनेजर का काम करते है।यह तीनो की ज़िन्दगी अछी चल रही होती है।रोज़ तीनो रात मे रेलवे स्टेशन पर मिला करते थे और दिन भर की बाते किया करते।इन तीनो मे सबसे जयादा बुद्धिमान सोहेल था और देखने मे भी शाक्ति शाली था।दोनों दोस्त उसका ज़यादा सुनते थे ।दूसरा दोस्त हबीब दिखने मे दुबला पतला था ।लेकिन वह मसखरा किसम का इंसान था।उसकी हर बात पर हँसी आती थी।और तीसरा तारिक़ वह थोडा सा मोर्डेन किस्म का था और वह हनी सिंग का फेन था उसकी ही तरह रहता था। [10/15, 3:02 PM] Screen Writer: Title:None,Content:जालना मे एक हिन्दू लड़के की एक मुस्लिम लड़के से लड़ाई हो जाती है।इस कारण उस हिन्दू की मौत हो जाती है।इससे दंगे भड़क उठते है।यह सारी समस्या ईद के दिन हो जाती है। उस दंगे मे सोहेल के घर जलाने की कोशिश की जाती है।सोहेल ईद की नमाज़ के लिए ईदगाह गया होता है।ईदगाह से आते समय उसे पता चलता है।और घर पर पहुचने के बाद उसके घर का बाहर का हिस्सा जला हुवा होता है।यह देखकर उसको बहुत गुस्सा आता है,इस दंगे के बाद हबीब और तारिक़ की ज़िन्दगी बदल ही जाती है।हबीब जब मारवाड़ी शादी के ऑर्डर पर जाता है।तब दूल्हे का भाई कहता है हमने दूसरे फोटोग्राफर को बुला लिए।आपको आने की ज़रुरत नहीं हबीब गुस्साये से वहा से चले जाता है। तारिक़ का हाल भी कुछ इसी तरह होता है।वह ट्विशंस क्लास जाता है तो उसकी दोस्त विद्या नाम की लड़की उसकी नोटबुक वापस करते समय उससे कहती है आजके बाद मुझसे बात मत करो।क्योकि तुम्हारे लोगो ने हमारे घर जला दिए।तारिक़ वही पर फ़ोन आ जाता है।उसके पिताजी का और वह कहते है की तेरे भाई को पुलिस वालो ने उठा कर ले गये।तारिक़ गाडी चलाते सोहेल को फ़ोन लगाता है और यह पूरी बात बताता है और हबीब को साथ आने के लिए कहता है। [10/15, 3:02 PM] Screen Writer: Title:2,Content:पोलिस स्टेशन मे हबीब सोहेल और तारिक़ तीनो और तारिक़ के पिताजी इनस्पेक्टर से बात करते है।तारिक़ के पिताजी कहते है साहब मेरे बेटे गिरफ्तार कर लिया गया है।उधर से तारिक़ का भाई समद आवाज़ देता है तारिक़ ।समद के मुह पर मार के निशान होते है।वह कहता है भाई मुझे यहाँ नहीं रहना है।इधर से इंस्पेक्टर कहता है।यह तो बहुत बुरा गया।सोहेल इनस्पेक्टर को कहता है साहब बस हमको ही पकड़ो।इनस्पेक्टर कहता सालो तुम सब आतंकवादी हो निकलो यहाँ से।सोहेल इनस्पेक्टर को घूर के देखता है।तारिक़ के पिताजी उनको वहा से लेकर चले जाते है।हबीब सोहेल और तारिक़ सोहेल के रूम मे टेंशन मे बैठे होते है ।तभी हबीब टीवी ओन करता है।न्यूज़ पर याकूब मेमन का फाँसी का बता रहै होते है।फिर चॅनेल बदलता है तो गाय के नाम पर मुस्लिमों की हत्या की जा रही होती है। का बता रहै होते है इसी बीच सोहेल और तारिक़ के चैहरे गुस्साये से आग बबूला हो जाते है।इतने मे हबीब टीवी बंद कर देता है।और बोलता है।जानें दे बाटा (सोहैल)को उसके दोसत प्यार से बाटा कहते है।चल स्टेशन पर चाय सिगरेट पीते है।इससे टेंशन हल्का हो जायेगा।तीनो रेलवे स्टेशन पर जाकर बैठते है। [10/15, 3:02 PM] Screen Writer: Title:3,Content:बाटा सिगरेट पीते पिटे कहता है इनको इनकी ओकात दिखानी पड़ेगी।तभी तारिक़ बोलता है।अब तो बहुत ज़रूरी हो गया है।तभी हबीब बोलता है कुछ भी आफत मत लाओ कुछ दिनों बाद सब ठीक हो जायेगा।इसपर तारिक़ कहता है।अबे गांडू तेरे पर बीती नहीं इसलिए ऐसा बोल रहा है ।हबीब कहता है तारिक़ तूने देखा नहीं तेरे भाई को कैसा अटकाये उन्होंने।तारिक़ कहता है उसी का तो बदला लेना है।तभी सोहेल सिगरेट बुझा कर खड़े होता है।चलो भाईयो रात बहोत हो गयी।सुबह दुकान भी खोलना है,फिर तीनो अपने अपने अपने घर चले जाते है। उसी रात मे सोहेल उठता है और मोबाइल ओन करता है। और फेसबुक चलता है।तभी फेसबुक पर ISIS का पेज दीखता है वह उसे ओपन कर देखता है।उसकी जानकारी लेता है।उसमे इस्लाम के लिए लोग जंग लड़ रहै है।तभी वह देखकर उसकी उत्सुकता जागती है।वह isis के बारे मे और भी जानकारी इख्ठा करता है। अगली सुबह जब वह अपनी दुकान पर होता है तभी उसके मोबइल पर एक ईमेल आता है।उसपर लिखा होता है अस्सल्लमालीकुंम क्या आप अपनी कौम का बदला लेना चाहते है।रीप्ले मे सोहेल लिखता है आप कोण है।फिर उधर से रीप्ले आता है। हमारा तहरोऊफ़् मोहम्मद अट्टा अल हिंदी है।आप अपना skyp id दै। [10/15, 3:02 PM] Screen Writer: Title:4,Content:सोहेल अपना skype id देता है।दोनों की skyep के जरिये video के ज़रिये बातचीत सुरु होती है।सोहेल भाई किया आपका खून नहीं खोलता है। सोहेल बोलता है हा भाई खोलता है लेकिन कर भी किया सकते है। हमारे पीछे सपोर्ट किसी का भी नही। मोहम्मद अट्टा बोलता है।हमारे साथ अल्लाह अस्वजल है। किया आप भूल गए किस तरह जंग गे बद्र मे 313अलाह वालो को फतह मिली थी।हमको भी इन काफिरो से बदला लेना होगा। बाबरी मस्जिद का गुजरात 2002 दंगों का मुज़्ज़फर नगर दंगों का किस तरह हमारे खवतीनो की इज़्ज़त लूटी गयी। किस तरह हमारे भाईयो को ज़िंदा जला दिया। सोहेल बोलता है। फिर करना किया पड़ेगा ।अट्टा कहता है आप को हमारे लश्कर मे शामिल होना पड़ेगा।यह लश्कर rasulaallah का लश्कर है।हमारे लश्कर का नाम है islamic state iraq and siriya (isis) सोहेल बोलता है शामिल होने के बाद किया करना होगा।अट्टा बोलता है पहले तो आपको सीरिया आना होगा।फिर यहाँ पर आपको जिहाद की ट्रेनिंग दी जायगी।उसके बाद आप हिंदुस्तान जाकर अपने कौम के कातिलो से बदला ले सकते है।सोहेल के आखे लाल हो गयी होती है।फिर सोहेल कहता है करना क्या होगा। [10/15, 3:02 PM] Screen Writer: Title:5,Content:अट्टा कहता है हिंदुस्तान मे हमारे लष्कर के कुछ साथी काम काम कर रहै है। उसमे से एक साथी आपसे बहुत जल्द राब्ता कायम करेगा इंशाअल्लाह।सोहेल जैसा आप ठीक समझे। अट्टा कहता है इंशाअल्लाह बहोत जल्द मुलाखत होवववगी।अस्लामवालीकुम् सोहेल बोलता है वलीकुमसलाम फिर उसी रात सोहेल अपने दोस्तों को रेल्वे स्टेशन पर मिलता है। और यह सारी बाते बताता हैं ,हबीब कहता है भाई यह कुछ जयादा तो नहीं हो रहा।सोहेल कहता है बदला लेना है ना।तारिक़ कहता है बाटा अपुन है घर वालो को किया बोलेगे वो सब मे करता टेंशन मत ले।सैफुल्लाह यहाँ आने वाला है वह सब बताएगा। सैफुल्लाह तीनो से जालना मे एक होटल मे मिलता है।और सारी जानकारी देता है।फिर सैफुल्ला वहा से चले जाता है।कुछ दिनों बाद सैफुल्ला के तरफ से तीनो के डोकूमेंट आ जाते है। और वह आधी रात को मुंबई के लिए ट्रेन से रवाना हो जाते है।मुंबई पहुचने के बाद वह प्लैन से ईराक के लिए रवाना हो जाते है।ईराक पहुचने के बाद वहा एक आदमी मिलता है।वह उसकी गाडी मे बैठकर मोसुल शहर की और रवाना हो जाते है।वहा
 
 
 
 
 

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