Youth Ki Awaaz is undergoing scheduled maintenance. Some features may not work as desired.

“अनैतिक राजनैतिक दौर “

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

अनैतिक राजनैतिक दौर!
आजकल अनैतिक राजनीति का दुर्भाग्य पूर्ण दौर सा चल रहा है।महिमामंडित नेताओं का सुचिता से बैर सा हो गया है क्षेत्रीय राजनीति जातिगत राजनीति में बदल सी गयी हैअक्रामकता और कट्टरता अस्त्र सिद्ध हो रही है कहना समीचीन होगा आज राजनीति अलोकतांत्रिक और भयावह हो रही है,हैरानी इस बात की है कि सत्ता सुख की लोलुपता न कुछ देखना चाहती है न कुछ समझना चाहती है सभी राजनैतिक दल येन-केन-प्रकारेण पर उतारू हैं प्रीतीकों को न केवल माध्यम बनाया जा रहा है बल्कि सम्मानित और अपमानित भी किया जा रहा है।भाजपा का निरन्तर बढ़ता वर्चस्व अन्य सभी के लिए परेशानी का कारक हो सकता है जबकि स्वयं भाजपा को भाजपा बनी रहने के लिए जिद्दोजहद ।बौखलाहट जब तक बयान न हो तब तक तो सदुपयोगी हो सकती है लेकिन बाद बयान आत्महंता सिद्ध होने की प्रबल संभावनाएं हो जाती है दुर्भाग्य से भाजपा विरोधी इन्ही संभावनाओं को हवा दे रहे हैं ।राजनैतिक सभी दल यह क्यों भूल रहें हैं कि जो नैतिक नही है भला वह राजनैतिक कैसे हो सकता है? आज की भारतीय राजनीति के सूरज ‘नरेन्द्र मोदी ‘की अमर्यादित व्यक्तिगत बुराई अनुचित अनापेक्षित टिप्पणी सूरज पर थूकने सरीखी है ,आप नीतियों का लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करके तो राजनीति कर सकते हैं अन्यथा विकल्प से परे है इसे बदलते भारत की बुलंद तस्वीर का आगाज समझ सकते हैं।हाल ही में कुछ कांग्रेसी नेताओं की बौखलाहट ने जाने-अनजाने भाजपा का सहयोग किया भारतीय भावजगत को आहत करके मजे की बात तो यह है कि मोदी जी की पूर्तावाभासित ताजजपोषी से यह सहयोगिक क्रम निरन्तर चल रहा है,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने तो नीचता की नयी समसामयिक परिभाषा ही गढ़ दी है जिसकी व्याख्या जनमानस करेगा।।दलतंत्र से परे सभी राजनैतिक दलों को गांठ बांध लेनी चाहिए कि नरेन्द्र मोदी का व्यक्तिगत विरोध सफलता का सोपान नही हो सकता ।।
नरेन्द्र नाथ त्रिपाठी

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.