अपना-पराया..!!

Posted by मेघा योगी
December 19, 2017

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*अपना-पराया*

विवाह के 9साल पश्चात भी संतान सुख से वंचित वरुण और रूपल लाखों जतन कर चुके थे चिकित्सा विज्ञान ने हाख खड़े कर दिये,ईश्वर का ऐसा कोई दर नहीं था जहाँ उन दोनों ने मन्नत न माँगी हो,
पर शायद ईश्वर को भी तरस न आया,
वरुण तो घर से बाहर रहता पर रात दिन परिवार,रिश्तेदारो और जेठानी जी जो कि 5बेटों की माँ थी , के ताने सुन सुन कर रूपल अवसाद में रहने लगी,
उन दोनों ने बच्चा गोद लेने का निर्णय लिया,
पर इतना आसान नहीं था,
जितने मुँह उतनी बातें,
“अरे! जाने किसका बच्चा होगा,किसका खून,
अपना ,अपना ही होता है और पराया,पराया ही”
ऐसी लाखों बातों को दरकिनार कर दोनों ने एक बेटी को गोद ले लिया,
पर लोगों के ताने हर कदम पर जीना मुहाल करते,
‘5 बेटों का इतना अहं की जेठानी जी का ग़ुरूर संभाले न संभलता,
रूपल से बोली “एक तो गोद लिया बच्चा,ऊपर से बेटी,बेटियों से कहाँ बुढ़ापा कटता है,”
पर वरुण और रूपल तो खुशी से फूले नहीं समाते,
ईश्वर ने तो बेटी नहीं वरदान दिया था,
बिटिया का मुखड़ा और ओज देख कर लगता था साक्षत देवी माँ का अवतार है और बिटिया का नाम शांभवी रखा गया,
छोटी सी लाडो अपनी प्रतिभा के बल पर कब देश विदेश में विख्यात डॉ शांभवी बन गई पता भी न चला,
कल तक जो अनाथ बच्ची माता पिता के स्नेह और नाम से वंचित थी,आज उसके नाम से माता पिता को पहचाना जाने लगा,
जो लोग निःसंतान होने और बेटी गोद लेने पर ताने मारते थे
वही उनके भाग्य से ईर्ष्या करने लगे,
और एक दिन किसी रिश्तेदार की अनुकंपा से परिवार पर वज्रपात भी हो ही गया जब शांभवी को पता चला कि वो उनकी बेटी नहीं है,
परन्तु यह क्या?
शांभवी को जब पता चला तो उसके दिल में माँ पापा के लिए प्रेम के साथ साथ श्रद्धा का सागर उमड़ पड़ा,
भावुक हो कर उसकी आँखों से आँसू बहने लगे,
और उसने मन में एक संकल्प लिया,

कुछ महीनो बाद वह माता पिता को लेकर एक समारोह में गई और माता पिता के हाथों से *अपना घर* नामक स्थान का अनावरण कराते हुये बोली,
“यहाँ वो माता पिता रहेंगे जिनका कोई नहीं है,
रिश्ते खून के नहीं प्रेम के होते हैं,
प्रेम नहीं तो अपना भी पराया होता है और प्रेम है तो पराया भी अपना”

रूपल-वरुण की आँखो से झर-झर आँसू बह रहे थे,
दोनों भगवान से प्रार्थना कर रहे थे हमें चाहे तो हर जनम में निःसंतान रखना पर बेटी के रूप में शांभवी को ही हमारी गोद में देना,
आज अपना घर में सैकड़ों लोग रहते हैं,
और रूपल की जेठानी जी भी जिनके 5बेटे हैं

मेघा योगी गुना म. प्र.

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