क्या इस हार ने कहीं और जीत के संकेत दिए हैं ?

Posted by ImAtalshukla
December 18, 2017

Self-Published

गुजरात-हिमाचल विधानसभा के नतीजे सामने आ चुके हैं और दोनों ही जगह जीत भारतीय जनता पार्टी की हुई है, इस जीत पर उन्हें बधाई। आज कांग्रेस के लिए दो मौके ऐसे भी आए, जिससे उन्हें शायद जरूर ही खुशी मिली होगी। पहला वो सुबह का एक घंटा जिसमे कांग्रेस ने बढ़त बनाने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी को कांटे की टक्कर देते हुए लीड किया और दूसरा उन्होंने 82* विधानसभा सीटों पर जीत कर (आंकड़े पोस्ट लिखते समय तक) एग्जिट पोल के नतीजों को ध्वस्त कर दिया और साथ ही ये भी बता दिया कि आने वाले चुनावों में विपक्ष अभी भी पूरी चुनौती देने में सक्षम है। ये दोनों पल भले ही हार में जीत को देखने जैसे हों लेकिन क्या इस हार ने कहीं और जीत के संकेत दिये हैं?

अभी हाल ही में राहुल गांधी जी को कांग्रेस की कमान मिली है और सामने है, उनके गुजरात विधानसभा चुनाव का परिणाम (हिमाचल का जिक्र यहां नहीं करूंगा) बेहद आज के मुकाबले में हार-जीत का अंतर बहुत ज्यादा नही है मगर फिर भी हार तो हार ही है।

अब ढेरों सवाल सामने आते हैं, क्या कांग्रेस टीम अपने कप्तान की तरह युवाओं जिग्नेश मेवानी, हार्दिक पटेल या अल्पेश ठाकोर जैसे को शामिल करके युवा शक्ति प्रदर्शन पर अपनी वापसी कर पाएगी। इन तीनों का इस चुनाव में समर्पण वाकई तारीफ के लायक है। हालांकि, इसका निर्णय तो खुद पार्टी और राहुल गांधी जी तय करेंगे लेकिन इतना जरूर है आने वाले समय में अगर आपको हर पार्टी में युवा नेतृत्व करते नजर आएं तो आज के उस सुबह एक घंटे की तरह चौंकिएगा मत क्योंकि आने वाला समय युवाओं का है।


Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.