फेल पास का तमाशा

Posted by Sharda Dahiya
December 29, 2017

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नौकरी आज की जिन्दगी का सबसे बड़ा सच होगई जब तक वो ना हो किसी और छोड़ो हम ही खुद को एक्सेप्ट नहीं कर पाते | कितने सारे पेपर दिए है मैंने इस महीने और धीरे धीरे करके उनके परिणाम भी आरहे है | 2017 में मास्टर्स करके तैयारी शुरू की थी यूनिवर्सिटी टॉपर थी फ़ैल होना क्या होता है आज तक पता ही नहीं था | हमेशा दिमाग परेशान हुआ कॉलेज टाइम में तो इस बात के लिए की अपनी रैंकिंग कैसे मेन्टेन करके रखनी है | फेल होकर नजरे मिलानी कैसे है ये कभी सीखा ही नहीं था | उसके बाद कई बार पेपर दिए कई के प्री निकल गये मैन्स नहीं हुए जिनके मैन्स हुए उनमें कुछ और ही अड़चने आगई इस महीने एक संडे को पेपर दिया है तो उसी शाम दुसरे का एडमिट कार्ड आगया था| आज दोपहर में एक और मैन्स का रिजल्ट आगया मैं फिर से फेल होगई| कल फिर से एक एग्जाम है | दिल ने दिमाग का साथ छोड़ दिया है मन है की रोऊँ बैठ कर कितनी मेहनत की थी उसके बाद भी हर एफर्ट जीरो ही रहा है | अगर लो फील करना या डिप्रेशन में आना अगर किसी चीज़ को कहते है तो शायद यही वो स्टेज है जिसे मैं महसूस कर रही हूँ | नींद पूरी ही नहीं होती सोने से पहले एक अजीब सा बोझ रहता है की इतना रहता है पढना इतना पढ़ लिया | पेपर में क्या होगा कैसे होगा | उसके 200 में से 190 आये हैं मेरे कैसे आयेंगे | अगर फेल होगई तो ?? बस यही आकार जिन्दगी बहुत भारी  नजर आती है |फोन बंद करके रख दिए है ,फेसबुक बाकि सब बंद करके बैठ गये है क्या जवाब दे किसी को की क्यों फिर से फ़ैल हुए हैं | जिन्दगी इस नौकरी के चक्कर में बस आखिरी सांस ले रही और ये फेल पास के तमाशे में पीस के रह गई है | आज यहाँ लिखा इसीलिए नहीं की मुझे सांत्वना चाइए नहीं बस दिल दिमाग इस कदर फेल पास से भर गया है की सच में सांस लेना भारी लग रहा है | चीख के चिलाने कर रोने का मन है थोडा डर ,और शर्म है उस बहन के कॉल आने की जिसका हर बार cgl क्लियर हुआ है क्या जवाब देंगे की हम पढाई तो किये थे बबस पास ही नहीं हुए कौन मानेगा इस बात को कहेंगे की पढ़ाई किये होते तो पास हो जाते | आज की ये रात निकल जाए तो शायद खुद को फिर से तैयार कर पाऊं |  आजकल सोने के लिए लेट ते भी है तो अपने दिल का धड़ाधड़ कर  धडकना भी महसूस होता है  और उसी धड़ाधड़ में खुद का रिश्ते से भागते और दुनिया से कटते हुए पीछे रह जाने वाला मंजर भी नजर आरहा है |
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