बंदिशे…..

Posted by amrita singh
December 8, 2017

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#मानसिकता #सोच #बंदिश ????
दोस्तो….मुझे एक बात समझ नहीं आती। बहुत दिनों से देख रही हू,समझ रही हू….आखिर ऐसा क्यों है….और इसके पीछे समझ है या बंदिश…..बात कुछ ये है की मैं आये दिन सोशल मीडिया पे अपने मित्रों या पहचान वालो की फोटो देखती हू बात यंहा महिलाओ की है।
जो लड़कियां शादी से पहले अपनी एक तस्वीर तक अपलोड नहीं करती थी…. Western wear तो दूर की बात है।…..वो महिलाये शादी होते अचानक कैसे परिवर्तित हो जाती है। तरह- तरह के फोटो अपने पति के साथ या अपनी फोटो लगाना नही भूलती। तो इसे मैं क्या समझू क्या शादी से पहले आज़ादी से अपने मन का करना गलत है? मेरे हिसाब से बिल्कुल भी नही। फिर ये बंदिशे क्यों है….जिनका सौक होगा अपलोड करने का वो शादी का इंतेज़ार तो नही करती….और इसका मतलब कोई क्या समझे ये एक तरह की बंदिश ही तो है जब तक लड़की अविवाहित है कुछ भी करना लोगों को बेकार लगता है जैसे कोई पाप हो….वही शादी बाद सब अच्छा लगता है जैसे अब पुण्य कर रही हो।……आखिर कब बदलेगी लोगों की मानसिकता……हैरानी होती है मुझे इस तरह की बात अगर मैं देख रही तो….काफी समय से देखते2 आज लिख ही दिया……

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