बेरोजगारी के संहार के लिए आवश्यक : रोजगार सृजन

Posted by Prince Dwivedy
December 22, 2017

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आज मशीनों के इस युग में या कहूं रोबोट के इस युग में जहाँ शहरों ,  नगरों , महानगरों में बच्चे भी आज computer जैसे आधुनिक यंत्रों तथा संचार के आधुनिक साधनों में महारथी हो चले हैं तो कहीं दूरस्थ क्षेत्र का निवासी एक बच्चा आज भी अपने पिता के द्वारा पारंपरिक तरीकों से ही जीवन जीने हेतु बाध्य है परंतु यहाँ उसके इसी जीवनशैली पर कोई बाध्यता नहीं है अपितु उसे इस जीवनशैली का कोई विकल्प नहीं है ।

आज पारम्परिक  वर्गों के द्वारा अपने पारंपरिक कार्यों के संपादन तो दूर जानकारी के भी अभाव के कारण समाज की बड़ी समस्या बेरोजगारी का जन्म हुआ है । यहाँ इस बात की बाध्यताओं पर ज़ोर नहीं दिया जा रहा कि सभी अपने पारम्परिक कार्यों को ही करें अपितु इस ओर ध्यानाकर्षण करने का प्रयास मात्र किया जा रहा है कि अपने पारंपरिक कार्यों को भुलें क्यों ?

यदि आज एक ब्राह्मण पुत्र बेरोजगारी के मार के चलते अपनी शिक्षा के मूल्य के अनुरूप भी वेतन प्राप्त नहीं कर पा रहा है तो उसके समीप एक विकल्प शिक्षक की भूमिका निभाते हुए रोजगार प्राप्त करने के रूप में या कई प्रकार के कथाओं की पूजा आदी कार्यों को संपादित कर किया जा सकता है ठीक उसी तरह जिस तरह एक काष्ठकला के धनी परिवार का बच्चा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात अपने पारम्परिक काष्ठकला को वैश्विक तौर पर विस्तृत करने का कार्य कर अत्यंत अच्छे रोज़गार का क्रियान्वयन न सिर्फ स्वयं के लिए अपितु अन्यों हेतु भी रोज़गार का निर्माण कर सकता है ।

आज सभी बस एक ही आग्रह करूँगा कि आधुनिक शिक्षा के साथ साथ अपने पारम्परिक कार्यों में भी स्वयं को बनाये रखें । जैसा कि हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने योजना बनाई है startup India , इसके द्वारा इस योजना को भी बल मिलेगा , तथा शासन पर भी बेरोजगारी का बोझ कम होगा ।

आप और हम आपने आस-पास बहुधा मात्रा में व्यापारियों के परिवार में देखा होगा कि उनकी संतानें अपने पारंपरिक कार्यों में निपुण हो चुके होते हैं जो नौकरी के विकल्प में सदैव अपने व्यापार को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं , हमें अपने समाज से ही ये शिक्षा मिल रही है कि हमें आगे कैसे बढ़ना होगा , कैसे रोज़गार प्राप्त करेंगें ।

मेरा मानना है कि कितना वेतन प्राप्त होगा सोचने के स्थान पर इससे कितनी बेरोजगारी कम हुईं है पता चल सकता है।

“बेरोजगारी तभी कम होगी जब रोजगार बढ़ाएंगे हम “

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