राहुल गांधी को कांग्रेस की तस्वीर बदलने के लिये क्या करना चाहिए? आईये जाने हमारे लेख में

Posted by RahulKajal3
December 4, 2017

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

आज 4दिसंबर सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपना नामांकन पत्र भरा। आज राहुल गांधी के नामांकन पत्र भरने के दिन पूरे देश से हर राज्य से डेलीगेट कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय मे पहुंचे और सबने हस्ताक्षर कर राहुल गांधी के नाम मे सहमति जताई।

RG during his nomination.

सारे देश के सारे कांग्रेस डेलिगेशन ने राहुल गांधी मे अपनी राजनीतिक आस्था दर्शाई लेकिन अब देखने वाली बात है क्या सारा देश राहुल गांधी मे अपनी आस्था दर्शायेगा। राहुल गांधी के लिये सबसे बडी चुनौती यही है कि क्या वो कांग्रेस को पुराने सत्ता वाले दिन लौटा पायेंगे। हालांकि आप सब जानते ही हो देख ही रहे हो कि राहुल गांधी के लिये इस वक्त चुनौतीपूर्ण समय चल रहा है। इस चुनौतीपूर्ण समय को लाने मे कांग्रेस का योगदान है क्योंकि कांग्रेस को राहुल गांधी को 2009 की जीत का सेहरा राहुल गांधी के सिर बांधते हुये अध्यक्ष बना देना चाहिए था। लेकिन चलो देर आये दुरूस्त आये।

 

इस बात मे किसी को कोई संशय नही होगा कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस का राहुलयुग शुरु हो जायेगा। लेकिन राहुल गांधी के सामने सबसे बडी चुनौती हर प्रदेश मे बिखरे पडे प्रदेश नेतृत्व को एकजुट करना होगा। कांग्रेस कार्यकर्ता आपसी बातचीत मे यही कहते हैं हम नेताओं की आपसी खींचतान से हारते हैं। अगर राहुल गांधी हर प्रदेश मे खींचतान मे बिखरे पडे नेताओं को एक मंच पर ला पाये तो उनकी आधी चुनौती खत्म हो ही जायेगी।

 

कांग्रेस की तस्वीर को बदलने के लिये राहुल गांधी को कडे-निर्णय लेने होंगे, कुछ ऐसा निर्णय भी लेने होंगे जो दिल पर पत्थर रख ही लिया जा सकते हैं। युवाओं को सत्ता मे भागीदार बनाना होगा। कांग्रेस के युवा संगठन युवा कांग्रेस का सीट कोटा बढाना होगा। अगर युवा कांग्रेस का कोटा नही बढाना तो 4% से 10% तक सोशलमीडिया के लिये भी रखना होगा। हर तरफ एक ही चर्चा है कि सोशलमीडिया ने ही राहुल गांधी के बदलते रूख को देश के सामने रखा है। कांग्रेस के लिये सोशलमीडिया पर काफी वांलिटर्यस अपनी बिना पहचान बताये अलग-अलग काल्पनिक नाम से भी कार्य कर रहे हैं। राहुल गांधी को सोशलमीडिया पर कार्य करने वाले युवा वर्ग व वरिष्ठ लोगों को भी राजनीतिक मे लाना होगा। ताकि एक संदेश जाये कि छोटे से छोटे स्तर व बडे से बडे स्तर पर कार्य करने वालों को मौका दिया जा रहा। छोटे से छोटा स्तर सोशलमीडिया है हालांकि ये छोटे से छोटा स्तर सोशलमीडिया सबसे ज्यादा लोगों तक अपनी पार्टी की आवाज पहुंचाने मे सरल माध्यम है।

 

राहुल गांधी को कांग्रेस की तस्वीर बदलने के लिये राजनीति मे महिलाओं की भागीदारी बढानी होगी। महिलाओं को राजनीति मे भागीदारी देने से महिलाओं को कंधे से कंधा मिलाकर चलने का मौका मिलेगा। और महिलायें अपने अधिकारों के लिये अपनी आवाज बुलंद कर पायेंगी।

 

इन्हीं पंक्तियों के संग अपने लेख को विराम देता हूं।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.