साल 2017 दलितों के लिए कैसा रहा ? अच्छा या बुरा ?

Posted by Sumit Chauhan
December 21, 2017

Self-Published

साल 2017 दलितों के लिए कैसा रहा ? अच्छा या बुरा ? ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन दलितों के साथ नाइंसाफी की घटना ना हो। देश में हर 15 मिनट में दलित उत्पीड़न की एक वारदात होती है यानी हर घंटे 4 और 24 घंटे में कुल 96 वारदातें। हर रोज 96 दलितों को मारपीट, गुंडागर्दी, रेप, हिंसा और अपमान का शिकार होना पड़ता है। हर रोज 6 दलित महिलाओं के साथ रेप या गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया जाता है। अगर मैं साल 2017 में दलित उत्पीड़न और हिंसा की घटनाओं की टाइमलाइन बनाऊं तो 35 हज़ार से ज्यादा वारदातें होंगी जिन्हें शायद आपके लिए पढ़ पाना भी मुश्किल होगा। इसलिए मैंने हर महीने हुई कुछ वारदातों की टाइमलान बनाई है, आप पढ़िये और खुद ही अंदाजा लगा लीजिए कि साल 2017 दलितों के लिए कैसा रहा?
जनवरी (2017)
2 जनवरी- यूपी के महाराजगंज में 14 साल की लड़की से घर में घुसकर रेप।
3 जनवरी- राजस्थान के मेड़ता सिटी के टेहला गांव में नवल किशोर खटीक को नीम के पेड़ से बांधकर पीटा गया।
5 जनवरी- यूपी के शामली इलाके के हुरमुजपुर गांव में मूली चुराने के आरोप में दलित को गोली मारी।
4 जनवरी- लखनऊ में दलित छात्रा की रेप के बाद हत्या, चेहरा जलाकर लाश फेंकी।
12 जनवरी- राजस्थान के बूंदी में दलित छात्रा से गैंगरेप हुआ।
13 जनवरी- राजस्थान के झुंझुनूं के झटावा खुर्द गांव में दलित महिला को अगवा कर गैंगरेप किया।
14 जनवरी- बिहार के मुजफ्फरपुर में दलित महिला को खाट से बांधकर ज़िंदा जलाया।
30 जनवरी- हरियाणा के मिर्चपुर गांव में दलितों पर फिर हमले में 9 घायल,  40 दलित परिवारों ने गांव छोड़ा।
फरवरी (2017)
22 फरवरी- झारखंड के पलामू जिले के बिनेका गांव में दलितों के घर जलाए, 2 दलित महिला ज़िंदा जल गई।
27 फरवरी- एमपी के मुरैना में राशन लेने गई दलित महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप किया।
मार्च (2017)
5 मार्च- यूपी के महोबा में छेड़खानी से तंग आकर दलित युवती ने ज़हर खाकर जान दी, पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप।
3 मार्च- करनाल के सग्गा गांव में दलित युवक को घुड़चढ़ी से रोका, मारपीट की।
15 मार्च- अंबाला के शहजादपुर गांव में दलितों के भजन गाने पर कंवरपाल की हत्या।
13 मार्च- जेएनयू के दलित छात्र कृष्णन ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली।
20 मार्च- गुजरात विधानसभा के पैनल ने दलितों के लिए अलग श्मशान स्थल बनाने का सुझाव दिया।
अप्रैल (2017)
22 अप्रैल- यूपी में दलितों के फर्जी गांव बसाकर 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा हुआ।
28 अप्रैल- राजस्थान के उदयपुर ज़िले के झालो का ढाणा गांव में दूल्हे कैलाश मेघवाल को अपनी बारात में घोड़ी चढ़ने पर पीटा गया।
मई (2017)
1 मई- एमपी के आगर मालवा में दलितों के इकलौते कुएं में मिट्टी का तेल डाला, क्योंकि चंदर मेघवाल ने बेटी की शादी में बैंड बुलाया था।
5 मई- सहारनपुर के शब्बीरपुर में दलितों पर हमला, 1 की मौत, कई घायल हुए।
7 मई- एमपी के छतरपुर में फूलों से सजी गाड़ी में आने पर दलित दूल्हे की पिटाई।
9 मई- सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस सी एस कर्णन को अवमानना केस में 6 महीने की सज़ा सुनाई।
24 मई- शब्बीरपुर में मायावती के कार्यक्रम से लौट रहे दलितों पर हमला, एक की मौत।
25 मई- कुशीनगर में योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले दलितों को नहाने के लिए साबुन-शैम्पू बांटे गए।
29 मई- सीकर के अजीतगढ़ में दलित युवती को अगवा कर 8 लोगों ने गैंगरेप किया।
जून (2017)
3 जून- हिमाचल के मंडी में नेत्रहीन दलित लड़की से गैंगरेप।
8 जून- भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को गिरफ्तार किया गया।
11 जून- गुरुग्राम के सरहौल गांव में वॉलिबॉल मैच के दौरान दलितों की टीम पर हमला।
12 जून- यूपी के गोंडा में दलित युवती को दुकान में बंधक बनाकर रेप।
20 जून – कोयंबटूर से जस्टिस कर्णन को गिरफ्तार किया गया।
28 जून- बलिया में 14 साल की दलित लड़की को अगवा कर गैंगरेप किया।
जुलाई (2017)
3 जुलाई- हरियाणा के जींद जिले के डूमरखां खुर्द गांव में दलितों को हवन में शामिल होने से रोका गया।
18 जुलाई- तमिलनाडु के त्रिची में कथीरसन को सवर्ण लड़की से शादी करने की वजह से मार डाला गया।
18 जुलाई- मायावती ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया।
अगस्त (2017)
12 अगस्त- गुजरात के आणंद जिले के कासोर गांव में दलित मां-बेटे की पिटाई, नंगा कर गांव में घुमाया।
21 अगस्त- एमपी के छतरपुर में 6 साल की दलित बच्ची को मैला उठाने के लिए मजबूर किया गया।
18 अगस्त- एमपी के सागर जिले के रेंवझा गांव में मजदूरी से मना करने पर दलित महिला की नाक काटी।
22 अगस्त- यूपी के हमीरपुर ज़िले के गदाहा गांव में रामायण पाठ के दौरान दलितों को दूर रहने का नोटिस चिपकाया।
सितंबर (2017)
1 सितंबर- सुप्रीम कोर्ट में NEET को चुनौती देने वाली तमिलनाडु की छात्रा अनीता ने फांसी लगाकर जान दे दी।
2 सितंबर- यूपी के बांदा में मवेशी चराने गए 16 साल के कुलदीप को लाठी से पीट-पीटकर मार डाला।
25 सितंबर- गांधीनगर के लिंबोदरा गांव में स्टाइलिश मूंछ रखने पर दलित युवकों की पिटाई की गई।
26 सितंबर- केरल के पहले दलित पुजारी बीजू नारायण को चाकू मारकर घायल किया।
अक्टूबर (2017)
1 अक्टूबर- आणंद में गरबा देखने गए जयेश सोलंकी की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।
2 अक्टूबर- गांधीनगर के पास दलित छात्र की चाकू मारकर हत्या।
14 अक्टूबर- मुरैना जिले के गांव पीपरीपुरा में दलित महिला के शव को श्मशान ले जाने से रोका गया।
16 अक्टूबर- ओडिशा के गंजाम जिले में मंगेतर के साथ मंदिर गई दलित लड़की से गैंगरेप।
17 अक्टूबर- यूपी के शाहजहांपुर में दलित नाबालिग की गैंगरेप के बाद गला रेतकर हत्या कर दी गई।
18 अक्टूबर- बिहार के खगड़िया में महादलितों के 50 से ज़्यादा घरों में लगाई आग लगाई।
20 अक्टूबर- लखनऊ के पास खेतलपुर भंसोली गांव में कूड़े की टोकरी छू जाने पर गर्भवती दलित महिला को पीट-पीटकर मार डाला।
28 अक्टूबर- दलित लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता कांचा इलैया को हैदराबाद में घर में नजरबंद किया।
28 अक्टूबर- एमपी के सतना में बेकसूर दलित को पुलिस ने थाने में 6 दिनों तक थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया, ईलाज के दौरान मौत।
नवंबर (2017)
5 नवंबर- एमपी के भिंड में अपनी मर्जी से वोट डालने पर दलित टीचर को बेरहमी से पीटा।
3 नवंबर- चंद्रशेखर को ज़मानत मिलते ही यूपी सरकार ने रासुका लगा दिया।
11 नवंबर- हरियाणा के पलवल में दो दलित युवकों के साथ गुंडागर्दी और मारपीट की।
12 नवंबर-  तेलंगाना के अभानगापतनम गांव में दो दलितों की पिटाई, तालाब में ज़बरदस्ती डुबकी लगवाई।
25 नवंबर- मुजफ्फरनगर में ब्याज नहीं देने पर साहूकार ने दलित को लात-घूसों से जमकर पीटा, बंधक बनाकर बनाया वीडियो।
26 नवंबर- AAP नेता कुमार विश्वास ने कहा, एक व्यक्ति आया था जो आरक्षण के नाम पर जातिवाद का बीज बो गया।
दिसंबर (2017)
13 दिसंबर- यूपी के चंदौली में घर में घुसकर 15 साल की दलित लड़की से रेप।
13 दिसंबर- यूपी के सुल्तानपुर में दलित महिला के साथ पड़ोसी युवक ने रेप किया।
15 दिसंबर- केरल में दलित छात्रा से रेप और हत्या के दोषी अमीरुल को मौत की सजा।
20 दिसंबर- मुजफ्फरनगर के लुहारी खुर्द गांव में दलित लड़की और उसके 5 साल के भतीजे की हत्या।
20 दिसंबर- अमेठी के पूरे वर्दहा गांव में पुलिस वालों के सामने दलित का घर तोड़ा, लाठियों से पीटा।
21 दिसंबर- हैदराबाद में दलित युवती को ज़िंदा जलाया, 50 प्रतिशत तक जली लड़की अस्पताल में भर्ती है।
ये तो वो वारदातें हैं जो सामने आ गई, ना जाने कितने अनगिनत मामले हैं जो रिपोर्ट ही नहीं होते। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक 2016 में भारत में दलित उत्पीड़न के  40,801 मामले दर्ज हुए। 2015 में ऐसे कुल 38,670 मामले दर्ज किये गए थे। 2007-2017 यानी 10 सालों में दलित उत्पीड़न के मामलों में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा वारदातें यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात जैसे बीजेपी शासित प्रदेशों में होती हैं।
मैं उम्मीद करता हूं साल 2018 दलितों और वंचित तबके के लिए मंगलमय होगा।
सुमित चौहान

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.