हमारी संवेदनाएं बुझ रही है

Posted by Vikram Raj
December 19, 2017

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1 जनवरी 2013 को शीतल कुमार जैन की एक किताब प्रकिशित हुई, किताब का नाम था ‘World’s Great Blunder’ । इस किताब में विश्व के इतिहास में हुई बड़ी गलतियों के बारे में बताया गया था । लेखक के हिंदुस्तानी होने के कारण इसमें ज्यादातर भारत में घटे कई राजनैतिक संसोधनों के बारे में बताया गया था जो कि लेखक के दृष्टिकोण से गलत थे।
अगर इस क़िताब का खण्ड 2 अगर आज की तारीख में प्रकिशित हो तो इसमे न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के और कई घटनाओं का ज़िक्र अवश्य होगा। उन घण्टनाओ में से एक शायद भारत मे नई सरकार का आना भी हो।
देश के एक लोकप्रिय पत्रकार ने कहा था “हम एक अपूर्वदृष्ट आपातकाल से गुज़र रहे है”। देश के एक और लोकप्रिय पत्रकार ने कहा “यह वक़्त आपातकाल से भी ज्यादा बुरा है”।
कुछ वर्ष पहले जब इंटरनेट लोगो के हाथों में अपनी जगह बना रहा था तभी कुछ फोटोज़ और वीडिओज़ पूरी दुनिया मे चर्चा का कारण बने हुए थे। इनमे कुछ दर्दनाक दृश्यों को दर्शाया गया था। बाद में पता चला कि वे किसी आतंकी संगठन से जुड़े है और उन्हें लोगों में ख़ौफ़ को बढ़ाने के मक़सद से इंटरनेट के ज़रिए पूरे विश्व भर में प्रदर्शित किया जा रहा है। इसी प्रकार कुछ दिनों पहले इंटरनेट पे एक वीडियो अपलोड हुई और देश भर में आग की तरह फैल गई। इस वीडियो को देख कर किसी की रूह कांप जाए। इस नए वीडियो और बाकी के पिछले वीडिओज़ में ज्यादा फर्क नही है।
इसमे एक व्यक्ति एक अन्य व्यक्ति को निर्दयता से मारकर उसे जला रहा है और बार बार हिन्दू, और लव जिहाद जैसे शब्दों का प्रयोग कर रहा है। यह घटना राजस्थान के राजसमंद की है और उस व्यक्ति को जिला पुलिस ने हिरासत मे ले लिया है।
बात सिर्फ इस घटना की नही है। पिछले कई दिनों से हमने ऐसे पच्चीसीओं घटनाओ के बारे में देखा-सुना है। हम एक ऐसे आज में जी रहे है जहाँ लोग अमन – चैन को भूल कर नफ़रत की ओर आगे बढ़ रहे है।
 देश के एक महान राजनेता और इतिहासकार ने अपनी एक क़िताब में लिखा था कि ‘हिन्दू’ कभी एक धर्म था ही नही। ‘हिन्दू’ को धर्म की तरह ना देख कर एक सभ्यता की तरह देखना चाहिए। आसान शब्दो मे हिंदुस्तान में रहने वाला हर एक व्यक्ति हिन्दू है चाहे वो कीसी भी धर्म या जाति का हो। इतिहास का कोई भी युद्ध धर्म या जाति के आधार पर नही हुआ। पर आज हमारे इतिहास को सामूहिक रूप से बदलने का निरंतर प्रयास चल रहा है। देश के कुछ तुच्छ बेपढ़े व्यक्ति सिर्फ अपने फ़ायदे के लिए सभ्यता को धर्म का नाम देकर लोगो के बीच नफ़रत बोने का काम कर रहे है।
आज कल हर सोचने और सवाल करने वाले व्यक्ति को देशद्रोही कहना फैशन की तरह हो गया है। और धर्म के नाम पर कत्लेआम करने वाले लोग हीरो बन फ़िर रहे है। इतनी नफ़रत के बच कर कुछ लोग उम्मीद लगा रहे है कि आने वाले दिनों में सब कुछ ठीक हो जायेगा और फिर से एक बार लोग नफ़रत भूल कर संवेदनशील हो जाएंगे।
~विक्रम
“Here’s to the crazy ones. The misfits. The rebels. The troublemakers. The round pegs in the square holes. The ones who see things differently. They’re not fond of rules. And they have no respect for the status quo. You can quote them, disagree with them, glorify or vilify them. About the only thing you can’t do is ignore them. Because they change things. They push the human race forward. And while some may see them as the crazy ones, we see genius. Because the people who are crazy enough to think they can change the world, are the ones who do.
~Rob Siltanen”

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