हां मैं कल ब्याही गई हूं ।

Posted by Tanuj Kumar
December 4, 2017

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हां मैं कल ब्याही गई हूँ

नये कपड़े और जेवर पहनाई गई हूँ

एक जेल से निकाल के

फिर दूसरे जेल भेजवाई गई हूँ

हां मैं कल ब्याही गई हूँ ।

 

पिता का बोझ हल्का हुवा

भाई की जिम्मेदारियां निभाई गई हूँ

जवान बेटी घर मे हैं

पड़ोसियों के द्वारा सताई गई हूँ

हां मैं कल ब्याही गई हूँ ।।

 

नौ लाख नगद,और समान दे के

माथे पे सिंदूर और सम्मान  दे के

एक कैद से छुड़ा के

किसी और कि कैदी बनाई गई हूँ

हां मैं कल ब्याही गई हूँ ।।।

 

पर सवाल ये हैं ?

कहाँ कुछ बदला मेरी लाइफ में

थाने दार भी रिश्वत ले के

कैदी आज़ाद कर देता हैं

आज़ादी के एवज में ही

इतनी बड़ी रकम लेता हैं

पर मैं कहाँ छुड़वाई गई हूँ

हां मैं कल ब्याही गई हूँ ।।।।

 

इतनी रकम देने के बाद भी

सब्जी सास से पूछ के बनाती हूँ

सबको खिला कर ही खाती हूँ

पति से पूछ के कहीं जाती हूँ

परोटेक्शन के नाम पे

देवर साथ ले जाती हूँ

मर्दो के समाज में

मर्दो के द्वारा भूलिआई गई हूँ

हां मैं कल ब्याही गई हूँ ।।।।।

 

मेरे जेल बदले हैं

और जेलर

कुछ कपड़े बदले और जेवर

कल पापा की पाबन्दी

आज ससुर है खड़े

कल भाई की निगरानी

आज देवर हैं खड़े

कल माँ की डांट

आज सास हैं खड़ी

समाज से मैं छलिआई गई हूँ

हां मैं कल ब्याही गई हूँ ।।।।।।

तनुज (T.S Eli@t)

 

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