ज़रा ज़िन्दगी जी ले !

Posted by Tanuja Kashyap
December 12, 2017

Self-Published

नीना का एमएमस बने हुए १ सप्ताह बीत चुका था। सब कुछ ठीक था उसकी ज़िन्दगी में। उसके दोस्त ने उसे समझाया कि जो हो गया सो हो गया। १ सप्ताह बाद नीना अपने घर गई। वहां जाते ही जैसे उसके मन में डर समा गया। वो रात भर उसी दर में डूबी रही। सुबह होते ही उसने अपनी मम्मी को सब कुछ सच-सच बता दिया। ऐसा लगा जैसे उसकी मम्मी अब ज़िंदा नहीं रह पाएगी।

माहौल बहुत गरम हो चुका था। अब उसकी मम्मी ने ये प्रॉमिस उससे लिया कि अब वो अपने किसी लड़के दोस्त से बात नहीं करेगी। नीना को सब कुछ मंज़ूर था लेकिन उसके सबसे प्यारे दोस्त और उसके गुरु समान एक मार्गदर्शक ये दो लोग उसके जीवन में बहुत प्यारे थे। नीना किसी भी कीमत पर अपने इन दो लोगों को नहीं खोना चाहती थी।

लेकिन नीना की मम्मी ने बचपन से नीना को एक ही बात सिखाई कि लड़कों से बात नहीं करनी है। एक वयस्क उम्र की नीना के दिमाग में यही डर हमेशा के लिए बनी रह गई कि उसे लड़कों से बात नहीं करनी है। नीना बहुत रो रही थी कि वो इन दो लोगों को खोने के बाद अकेली पर जाएगी।

नीना ने अपनी मम्मी से कहा कि वो अपने दोस्त और गुरु समान मार्गदर्शक से कांटेक्ट नहीं तोड़ेगी। उसकी मम्मी ने कहा कि “तुम्हारे लिए मुझसे ज्यादा वो दो लोग इम्पोर्टेन्ट हैं” नीना ने कहा नहीं इम्पोर्टेन्ट आप हैं लेकिन कुछ रिश्ते अपनी जगह होते हैं। लेकिन नीना की मम्मी को सिर्फ एक ही बात का डर था कि अगर नीना ने किसी लड़के से कांटेक्ट किया तो कोई उसे बहला-फुसला कर फिर नीना के साथ कुछ गलत करेगा। नीना की मम्मी अपनी जगह सही थी लेकिन अब दुनिया बदल गई है अब सारे लड़के एक से नहीं नहीं होते।

लेकिन इसके लिए नीना का उसके दोस्तों से कांटेक्ट तोड़ना, मन-ही-मन में नीना बहुत रो रही थी लेकिन उसे वही करना पड़ा जो उसकी मम्मी चाहती थी।

नीना ने सबसे कांटेक्ट तोड़ लिया। यहाँ तक की उसके प्यारे दोस्त से भी। उसका प्यारा सा दोस्त उसे रोज़ कॉल करता लेकिन नीना कोई जवाब नहीं देती। उसके गुरु समान मित्र को भी नीना ने ये कह के उनसे कांटेक्ट तोड़ लिया की अब उसकी मम्मी नहीं चाहती कि वो किसी से बात करे।

नीना अपनी मम्मी को प्रॉमिस करके हॉस्टल आ गई। हॉस्टल में आने के बाद वो मन-ही-मन घुटती थी लेकिन धीरे-धीरे नीना ने उसी घुटन की ज़िन्दगी में खुश रहना सीख लिया।

आज इतने दिनों बाद नीना के दोस्त ने गुस्से से नीना को मैसेज किया कि मेरी क्या ग़लती है , नीना से रहा नहीं गया और नीना ने उसे कॉल किया। नीना ने उससे काफ़ी देर तक उससे बात की। अब नीना को जो अच्छा लगता है वो वही काम करती है। नीना जिससे चाहे उससे बात करती है क्या पता ये पल लौट के आए या ना आए।

“तो बताइए दोस्तों नीना जो कर रही है वो सही है या गलत ???”

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