#BHL

Posted by Poonam Singh
December 14, 2017

Self-Published

बिगड़ी हुई लड़की या बिगड़ा हुआ लड़का तब ही सुनने  के लिए मिलता था जब हम खाना नही खाते थे या समय पर पढ़ाई नही करते थे हमारे माँ से. परंतु हमारे समाज मे तो इसकी परिभाषा ही अलग हैं . लोग खिताब देते है बिगड़ी हुई लड़की का जब हम समाज़ के बनाए हुए रूल पर चलना बंद कर दे।

“ज़्यादा जोर से हसना या हसाना लड्की का, देर से घर आना,छोटे कपड़े पहनना,लड़को के साथ दोस्ती   ” ये तो बहोत आम बात है लोगो से सुनना पर क्या ये सही है?? आज कल तो हम “my life, my rules,my career,” ये सब खुद के लिए सोचना भी हुमे बिगड़ी हुई लड़की /लड़का साबित कर देते हैं. बस  हम इसी डर मैं जीते आए हैं की ‘ वो चार लोग क्या कहेंगे”

हमारे माँ पिताजी ने तो यही सिखाया की वो चार लोग को ही साथ मैं ले कर चलो जो आपको ऐसा कहते है ताकि उनका मन भी बादल जाए।

अगर कुछ अपने मन का करना भी हो वो भी आपके  समाज के हिसाब से तो अपने आप को नही अपने सम्माज की सोच बदलो।

decision maker बनना अगर बिगड़ा हुआ कहलाता है तो जी हाँ मैं बिगड़ी हूँ। क्यूंकी हम बिगड़ी हुई लाइफ जीने मैं यकीन करते है.. तो बस हम खुद का फैसला खुद करे और इसे किसी और की जहाँगीर न बनाए!!

 

So stay happy and being bigdi hui ladki!!

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.