NO PLACE FOR HATE

Posted by Sharda Dahiya
December 28, 2017

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अक्सर मैं यूथ की आवाज या अपनी फेसबुक की वाल पर कुछ ना कुछ लिखती रहती हूँ मेरा लिखना और मेरी कोसिस बस बदलाव के लिए होती है किसी एक कम्युनिटी को बदनाम करने के लिए नहीं है | अगर मैं औरतों के लिए लिख रही हूँ तो इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है की मैं फेमिनिस्ट हूँ | अक्सर मुझे मेरे लेख के बाद इनबॉक्स में मेसेज आते है की मैं निरी नारीवादी हूँ| नहीं मुझे अपने लिए इस शब्द का प्रयोग होना खटकता है | इसीलिए नहीं की ये शब्द आम प्रयोग होता बल्कि इसीलिए की हम बदलाव चाहते हैं और उस बदलाव में हमारी ये चाहत बिलकुल नहीं है की सीता को खुश करना है तो गीता को दुखी किया जाए  या औरत को सहूलियत देनी है तो मर्द को नजरबंद किया जाए | कुछ वक्त पहले एक लडकी दुयती सुदीप्ता ने कुछ लिखा था नरेंद्र मोदी जी के बारे में या उसकी हर बात में खुलापन होने के लिए  लोगों ने  उस लडकी को मारने की  धमकी दी  ,लिखने वालो ने उसको बिच ,रण्डी पता नहीं क्या क्या लिखा था | कैसा समाज है हमारा हम बात बराबरी की करते है मगर किसी को बोलने का हक देना नहीं चाहते | मुझे अच्छा लगता है उस लडकी का ऐसे खुले आम सीधी बात को सीधा लिखना और तरस आता है उन मानसिक रूप से बीमार लोगों पर की वो एक लडकी की महज लिखी हुई बातों से इतना तिलमिला क्यों जाते हैं | आपके पास तर्क करने की शक्ति है या मुद्दा है तो आप तर्क पर आइए ना ये इन्सान की जुबान छोड़ कर जो आप जानवर बनकर गुराते है उससे स्पष्ट कहने वाले लोग का धेर्य पस्त नहीं होगा बल्कि और ज्यादा हौसला मिलेगा |मुझे दुयती का दुयती होना अच्छा लगता है इसिलए नहीं की वो मुखर है बल्कि इसीलिए की उसने कोई दिखावा नहीं ओढ़ रखा जो है जैसा है जिन्दगी में उसको वैसे ही अपना रखा है | और उसको शायद परवाह भी नहीं है समाज के आइने की | मगर फिर भी वो लोग द्युति को द्युति ही क्यों नहीं अपना सकते | दुयती द्युति है फेमिनिस्ट नहीं है | जब हम हर जगह बात बराबरी की करते है तो बराबरी वाले बदलाव को भी सहज होकर अपनाने में समस्या क्या है ? सीधे स्पष्ट शब्द है हमारे पास फिर ये नफरत के लिए हम जगह रख कैसे लेते है औरत को माँ ,जननी का दर्जा देते हैं फिर उसमे भी वैश्या ,रण्डी  कैसे ढूंड लेते हैं हम | नफरत कभी भी शांति नहीं लाती यकीनन बदलाव की उम्मीद एक नीव का पत्थर जरुर हो सकती है शांति के रास्ते  में | मत पालिए नफरत खुद में इन्सान है आप अपने वजूद को जान लेने की एक आखिरी कोशिश आप भी कर लीजिये जरुर कल के लिए एक बेहतरीन कल लिख सकते है आप क्योंकि there is  No Place For Hate … #No_Place_For_Hate 

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