Wearing Helmet is for our safety….Not for revenue

Posted by Prince Dwivedy
December 23, 2017

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

 

शासन द्वारा हेलमेट न पहनने पर जुर्माना का उद्देश्य शासन के राजस्व में वृद्धि नहीं अपितु अपने देश के सभी नागरिकों को सड़क दुर्घटनाओं से सुरक्षित करना है ।

प्रायः देखा जाता है कि हमारा व्यवहार ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से अत्यंत नकारात्मक होता है ।

हम अपनी गलतियों को स्वीकार न करके उन्हें छुपाने या बचने का प्रयास करते है और इन्ही प्रयासों में यदि कोई पुलिसकर्मी भावनाओं में बहकर या अपनी लालसा या किसी मजबूरी के कारण चालान से कुछ कम पैसे लेकर हमें छोड़ देता है , तो कभी भी हमें अपनी उस गलती का बोध नहीं हो पाता ।

चालान का प्रयोजन जुर्माने की राशि अर्जित करना नहीं है , उस राशि से पुलिस विभाग को वेतन नहीं मिलता है ।

चूँकि हमारे जीवन में ₹ एक अत्यंत महत्व की वस्तु है अतः जुर्माने के तौर पर एक राशि लेकर हमें इस बात का बोध कराया जाता है कि आपने अपनी ही सुरक्षा न करके जो गलती की है उसका आपको बोध कराना आवश्यक है ।

जो राशि आप चालान के रूप में दे रहें है उसे यदि सकारात्मक रूप से देखे तो वह आपको बोध कराने की फीस मात्र है ताकि आप स्वयं की रक्षा करें ।

प्रत्येक वर्ष अनेक भारतीय नागरिक सड़क दुर्घटना के शिकार होते है , एक नागरिक की क्षति किसी भी हाल में न हो ये प्रत्येक राष्ट्र की जिम्मेदारी होती है , शासन अपना कार्य कर रही है परंतु हम नागरिक ही उसका सहयोग नहीं कर रहे , हम स्वयं को आधुनिक मानते है तो क्यों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को चालान करके हमें अपनी ही सुरक्षा के लिए अवगत कराना पड़ रहा है।

आज हम विद्यार्थी ही बहुत कम हेलमेट का प्रयोग करते है , इसके पीछे कुछ तर्क जो हम देते है वो ये है – पहनने से बाल बिगड़ जाते हैं या उतारने के बाद इसे रखने की दिक्कत होती है , भारी लगता है , गर्मी लगती है आदि आदि , असल में ये बहाने मेरे खुद के होते हैं परंतु इस मामले में मैं सही नहीं था क्योंकि यदि मेरा accident होता है तो मेरे पास गरिमापूर्ण जीवन ही नहीं होगा तो बाल क्या करूँगा , और रही बात हेलमेट को रखने की तो ₹ 200  खर्च करके एक होल्डर bike में लगवाया जा सकता है police से बचने के लिए नहीं एक स्वस्थ स्वतंत्र व गरिमापूर्ण जीवन के लिए ।

कई बार हम जुर्माने से बचने के लिए किसी न किसी उच्च पद पर आसीन व्यक्तियों से बात करके बचने का प्रयास करते है परंतु जब accident होगा तब वो व्यक्ति क्या कोई भी व्यक्ति आपको बचाने में समर्थ नहीं होगा । accident से व जुर्माने से आप स्वयं ही स्वयं को बचा सकते है अतः स्वयं को बचाएं ।

 

आप सभी से बस देश का नागरिक होने के नाते एक छोटा सा आग्रह करूँगा कि traffic पुलिसकर्मियों से अच्छा व्यवहार करें वो हमारी सुरक्षा के लिए रखें गए है , जब कोई दुर्घटना होती है तब वे spider man की तरह हमें उड़कर नहीं बचा सकते इसीलिए अपनी गलती का बोध कराने हेतु हमें पकड़ते हैं , उनका सम्मान व सहयोग करें ।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.