आई ए एस बनना है तो इन मिथकों को तुरंत छोड़ देंI

Posted by satish chandra
January 22, 2018

भारतीय प्रशासनिक सेवाएं (आईएएस) भारत में सबसे प्रसिद्ध, प्रतिष्ठित और महान सरकारी सेवाएं हैं आईएएस अधिकारियों को सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) के माध्यम से नियुक्त किया जाता है जो कि भारत की केंद्रीय भर्ती एजेंसी, केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित किया की जाती हैI

प्रत्येक वर्ष परीक्षा के पहले चरण यानी प्रारम्भिक परीक्षा में 4 लाख से अधिक प्रतियोगी शामिल होते हैं। जिसमें से लगभग दस हजार प्रतियोगी ही मुख्य परीक्षा यानी दुसरे चरण में भाग ले पाते हैं। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद, केवल एक हजार प्रतियोगी ही साक्षात्कारकर्ताओं के सामने अपने व्यक्तित्व को व्यक्त करने के योग्य होते हैं।

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अपने ब्यक्तित्व के प्रति जागरूक प्रत्येक छात्र का कम से कम एक बार आई ए एस परीक्षा में बैठने का सपना अवश्य होता हैI वे तमाम कुशलतावों एवम ज्ञान के साथ इस परीक्षा में आते हैं और कहने की जरूरत नहीं कि वे तमाम मिथक भी अपने साथ लाते है और यह मिथक ही अंत में उनकी असफलता का कारण बनते हैंI

प्रत्येक उम्मीदवार जो आईएएस के लिए प्रतिस्पर्धा करता चाहता है, के लिए मिथको को हटाना जरूरी है,  ताकि एक आम प्रतियोगी न केवल इस परीक्षा में भाग लेने की हिम्मत जुटा सके बल्कि सफलता भी प्राफ्त कर सके।

आखिर क्या हैं यह मिथक और कैसे इनसे बचा जा सकता, मैंने इस वीडियो को इसीलिए बनाया है ताकि इस ‘परीक्षा और उसकी तकनीक’ की असली तस्वीर को एक आम परीक्षार्थी के सामने लाया जा सके।