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“जय मानवता” स्लोगन की सम्पूर्ण जानकारी

Posted by Dr.Harshit Azad
January 28, 2018

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तुम्हें गर्व है हिन्दू,मुसलमान,सिख,ईसाई,पारसी…व ब्राह्मण,वैश्य,क्षत्रिय,यादव,जाट,कुर्मी,हरिजन,सिया,व सुन्नी आदि में…व अखिल भारतीय जाति/धर्म सभा से जुड़े होने का…तुम्हे गर्व है व्यतिगत स्वार्थ के लिए दूसरी जाति/धर्म के खिलाफ अपने वर्ग के लोगों को नफरत घोलने का…तुम्हे गर्व है खुद को जातिगत/धार्मिक/क्षेत्रवादी कट्टर कहलाने में…तुम्हें गर्व है विपरीत विचारधारा से हिंसा करने में…तुम्हे गर्व होगा छोटी जाति के शिक्षकों को सम्मान न देने में…तुम्हे गर्व होगा गाय का दूध निकालने के बाद उसे छोड़ देने में…तुम्हें गर्व है व्यक्तिपूजा करने में और उस व्यक्ति पूजा व्यक्ति को देश से ऊपर बना कर देश को व्यक्ति से छोटा करने में…आदि में तुम्हे गर्व जरूर होगा और आपका गर्व उचित भी है…आपको मेरा सलाम।।

यही फ़र्क है…लेकिन आपके इस गर्व से मेरा कोई लेना-देना नही है,मेरा धर्म व जाति मानवता है,प्रकति मेरी आराध्य है…और मेरे धर्म का नारा/उद्घोष भी “जय मानवता” है।।जो कि मैंने 4 वर्ष पूर्व दिया था और आज हजारों लोग इस नारे के साथ दुआ सलाम करते है…आपको धन्यवाद

जय हिंद।।जय भारत।।
मेरे वतन-ए हिन्द की सभी माताओं,बहनों,बुजुर्गो,शिक्षकों,व साथियो को मेरा चरण स्पर्श/प्रणाम।।

-आपका अनुज/भाई/बेटा/साथी
सोशलिस्ट डॉ.हर्षित आजाद

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