धरपकड़ शादी का चलन आज भी!!

Posted by Poonam Singh
January 9, 2018

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हमारे देश मैं हमने अक्सर ये सुना जरूर हैं की “बाल विवाह” होता हैं जहां बालक और बचियों को जबर्दस्ती तो नहीं कह सकते परंतु उन्हे तो पता ही नहीं होता की क्या होने जा रहा उनके साथ और उनकी शादी कर दी जाती थी । परंतु चलन तो यहीं होता था की घर पे बच्ची हुईं नहीं की उनकी शादी की जाती थी ताकि बड़ी  होने पर बोझ नह हो। खैर धीरे धीरे ये कानून शक्त हुआ और ये  प्रथा कम हो गयी। पूरी तरह से  तो नहीं हुईं हैं क्यूंकी  आए दिन हमे कहीं न कहीं कुछ प्रदेश से समाचार मिल ही जाते हैं।

गौरतलब ये हैं की जहां हमने “बाल विवाह” पर ध्यान दियाँ वहीं हमने “धरपकड़ शादी”को नज़रअंदाज़ किया हैं, यहा तक की  हम मे से कई लोग इस बात से अनजान भी हैं की आखिर ये किस तरह की शादी हैं।  मैं चाहती हूँ की आप मे से सभी लोग ये जाने आखिर ये कैसा चलन हैं। इस विवाह मैं लड़के को बंधुआ (यानि की जबर्दस्ती या किडनैप ) करके लड़की से शादी कर दी जाती हैं। लड़की और लड़के की जिंदगी से खेलवार करने का ये कैसा चलन लोगो मैं हैं आज तक गुथी सुलझी नहीं। सुन कर बहोत अजीब लगता होगा की हमारे देश मैं ऐसा भी कुछ होता हैं परंतु ये हाल ही मैं बिहार के किसी गाँव से खबर छा गयी थी की एक इंजीनियर साहब को  उनही के एक दोस्त ने नौकरी देने के बहाने बुलाया और अपनी बहन के साथ उनका विवाह कर दिया गया।

दोस्तो सुन कर बहोत हसी भी आयीं होगी परंतु ये कड़वा सच हैं की हमारे डिजिटल इंडिया मैं भी ये सब चलन आज भी कहीं न कहीं ज़िंदा हैं। मतलब हमारे देश के लोगो ने ये  ठान लिया हैं की चाहे तो बाल विवाह से लोगो की जिंदगी खराब करे यान धडपकड़ शादी कर के करे पर करना हैं इन्हे। ईसपे कोई कडक कानून नहीं बनाता इसलिए लोग इनका फायदा उठाते हैं.।  हम सबको

इस बात पर गौर करना चाहिए की ऐसा ना हो किस के साथ और हम ज़्यादा  से ज़्यादा इस से लोगो को जागरूक करे की इस तरह के शादी से किसी का कोई भला नहीं होता। बात छोटी हैं परंतु सोचने वाली हैं।

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