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नन्हके नशेड़ी का प्रेम पत्र

Posted by suryansh0surya
January 23, 2018

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मेरी प्यारी तम्बाकू,

जब से तुम मेरी दुनिया मे आयी हो मेरी    तो दुनिया ही बदल गयी है। एक मिनट भी तुमको अपने से दूर नही रख पाता, तुम अगर एक दिन भी न मिलो तो चक्कर से आने लगते है। मुझे अच्छे से याद है,जब हमारी तुम्हारी मुलाकात हुई थी,पहली मुलाकात में ही सर चकरिया सा गया था एकदम, सोचा था अब कभी नही मिलूंगा तुमसे। लेकिन एक वो दिन था और एक आज का दिन है हमेशा तुम्हारा ही बनकर रहना चाहता हूँ। लेकिन मुझे बहुत तकलीफ होती है जब तुम्हारे पैकेट के पीछे लिखा देखता हूँ की तुम जानलेवा हो,हानिकारक हो। मानता हूं कि तुम नरक के द्वार की पहली सीढ़ी हो,बहुतो को सैर कराई है तुमने लेकिन फिर भी मुझे बहुत बुरा लगता है । इससे अच्छा तो तुमको बन्द ही कर दे लेकिन तुम पर ये सच्चे आरोप मुझ से देखे नही जाते।

एक दिन जो अपने गाँव वाला पप्पूआ है न, अरे वही रामकिशन का लऊंनडा । वो एक दिन सिगरेट से तुम्हे निकाल कर  गाँजा भर रहा था।    अपने सामने तुम्हारा ये अपमान नही सह सकता था मैं। तुम्हारा जमीन पर गिरता एक-एक दाना मेरे दिल को छलनी कर रहा था। फिर क्या नही बर्दास्त हुआ हमसे, अघा के पेले है उसको दो दिन नही उठा पलंग से। तुम्हारा एक-एक दाना जमीन से उठाकर और साफ करके अपने चुनउती में रख लिए हम। बहुत खुश हुए थे हम जब तुम राजश्री और केसर इन सबसे अलग होकर अलग पैकेट में आयी थी , पूरा डिब्बा खरीदे थे उस दिन हम। वैसे तुम तो अब बहूत फेमस हो गयी हो सबकी जुबान पर ही रहती हो। लेकिन आज कल इज्जत कम है तुम्हारी, पहले हमार दादा-बाबा लोग तुम्हे अपनी एक डिब्बी में हमेशा भर के रखते रहे और चूने से संपर्क कर के मुंह से लगा लेते थे। पहले केवल सब तुमको ही पसंद करते थे। अब सब तुम्हे रजनीगंधा में मिलाके खाते है। आज कल के लड़के तो तुम्हे छोड़कर दारू और बियर पीने लगे है,बस उनकी सिगरेट की कश में ही रह गयी हो तुम । इस दुनिया मे तुम्हारी कोई इज्जत नही रह गयी है,चलो दोनों भाग चले कहीं, तुमने सबको भेजा है नरक लेकिन इस बार तुम मेरे साथ चलोगी, मैं जानता हूं कि तुम्हे मेरे साथ चलने में दिक्कत होगी क्योंकि ये सरकारे तुमसे कमाई करती है लेकिन उसी पैकेट में तुम्हारी बुराई भी तो लिखती है, ये तुम्हे कभी बन्द नही करेंगी कुछ भी हो जाये। मेरी बात मानो भाग चलो मेरे साथ। कही दूर जहाँ हमारे सिवा कोई न हो सिवाय हमारे और तुम्हारे।

तुम्हारा अभूतपूर्व आशिक

नन्हके नशेड़ी

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