नशे की ओर बढते युवाओ के कदम

Posted by Parveen Kaushik
January 7, 2018

Self-Published

पश्चिमी सभ्यता ने हमारे देश  को किस तरह अपनी ओर आकर्षित किया, इससे सभी भलीभांति परिचित है. इसकी ओर देश के युवा सबसे अधिक आकर्षित होते है, और नशा भी इसी का एक  उदाहरण है. भारत देश की बड़ी मुख्य समस्याओं में से एक युवाओं में फैलती नशाखोरी भी है. देश की जनसँख्या आज 125 करोड़ के पार होने जा रही है, इस जनसँख्या का एक बड़ा भाग युवा वर्ग का है. जो देश का भविष्य भी है।

 नशा एक ऐसी समस्या है, जिससे नशा करने वाले के साथ साथ, उसका परिवार भी बर्बाद हो जाता है. और अगर परिवार बर्बाद होगा तो समाज नहीं रहेगा, समाज नहीं रहेगा तो देश भी बिखरता चला जायेगा. इन्सान को इस दलदल में एक कदम रखने की देरी होती है, जहाँ आपने एक कदम रखा फिर आप मजे के चलते इसके आदि हो जायेगें, और दलदल में धसते चले जायेगें. नशे का आदि हो जाने पर इन्सान, चाहे तब भी इसे नहीं छोड़ पाता, क्युकी उसे लत जो पड़ जाती है, और फिर लत  ही उसे नशा की ओर बढ़ाती  जाती है.।
 

 बात होली के त्यौहार  वाले दिन की है उस दिन हम सभी अपने घर पर छुट्टी का मजा ले रहे थे।तभी अचानक मुझे अपनी गली मे शोर सुनाई दिया।जैसे ही मैने  बाहर गली मे देखा तो कुछ लोग जो नशे मे धूत होने के कारण गली मे ऊंची ऊंची आवाज मे रागनी गा रहे थे।और सभी लोग उनका मजा ले रहे थे।मैने और तीन चार लोगो ने उन्हे समझाने की कोशिश की तो वे कहने लगे की आज तो होली का त्यौहार है और त्यौहार को हम  सभी अपने तरीके  से अच्छा मनाने की कोशिश कर रहे है अगर तुम भी चाहो तो हमारे साथ शामिल हो सकते हो। शाम को खाने का अच्छा परोगराम भी है।उसके बाद वे नही माने फिर वे सभी पास की चौपाल मे जाकर हुडदग करने लगे।जिसके कारण कयी लोगो ने शोर से परेशान होकर  उन सभी लोगो की पिटाई कर दी।जो नशे मे धूत थे।फिर झगडा इतना बढ गया कि पुलिस को भी आना पडा।फिर पुलिस ने झगडे को सुलझाया।इस त्यौहार के तीन ही दिन बाद एक व्यकित का देहांत हो गया।ये  भी नशे मे धुर्त व्यकितयो मे से एक था। नशे के कारण व्यकित अपनी मौत को स्वंय ही बुलाता है।नशे के कुछ आकडे ये बताते है कि यह पुरे देश  मे फैला हुआ है।

क्रमांक प्रदेश का नाम मरने वालों की संख्या
1. तमिलनाडु 205
2. पंजाब 186
3. हरियाणा 76
4. केरल 64
5. मध्यप्रदेश 40

इन आकडो से ये साफ पता चलता है कि नशा की अधिकता से मरने वालों की संख्या में तमिलनाडु सबसे अधिक  है।

नशा कई तरह का होता है, जिसमें शराब, सिगरेट, अफीम, गांजा, हेरोइन, कोकीन, चरस मुख्य है. नशा एक ऐसी आदत है, जो किसी इन्सान को पड़ जाये तो, उसे दीमक की तरह अंदर से खोखला बना देती है. उसे शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से बर्बाद कर देती है. जहरीले और नशीले पदार्थ का सेवन इन्सान को बर्बादी की ओर ले जाता है.

आजकल नशा के आदि छोटे बच्चे भी हो रहे है, युवाओं के साथ साथ बड़े बुजुर्ग भी इसकी गिरफ्त में है, लेकिन सबसे अधिक ये युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहा है. युवा पीढ़ी के अंदर सिर्फ लड़के ही नहीं, लड़कियां भी आती है. नशा करने वाला व्यक्ति घर, देश, समाज के लिए बोझ बन जाता है, जिसे सब नीचे द्रष्टि से देखते है. नशा करने वाले व्यक्ति का न कोई भविष्य होता है, न वर्तमान, उसके अंत में भी लोग दुखी नहीं होते।

और अंत मे मै आप सभी से निवेदन करूगा कि हम सभी को मिलकर नशे को रोकना चाहिए।ताकि हमारा समाज  स्वस्थ और सुरक्षित हो।

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