बेतिया छावनी ओवर ब्रिज Bettiah Chawani Over Bridge

Posted by Mahmood Iqbal
January 7, 2018

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बेतिया छावनी ओवर ब्रिज को ले कर चल रही गंदी राजनीति हमारे विधायक जी और सांसद जी द्वारा,
इस वजह से अब तक कई जाने जा चुकी है फिर भी हमारे दोनों नेता एक दूसरे पर इल्जाम काग रहे है
हमारे सांसद जी बीजेपी से है तो दूसरे विधायक जी कॉंग्रेस से है,
जब भी लोगों ने मिल के बात  तो कोई जवाब न दे के एक दूसरे को बोलते रहे है
दोनों ही अपने फेस्बूक अकाउंट पर अपनी तरफ से बात रखी है की मैं इस मे बेगुनाह हु,
रेल्वे की तरफ से इस मे क्या पहल है ये भी अब तक क्लेयर नहीं हुआ है कभी बोलते है रेल्वे ने एनओसी दे दिया कभी बोलते है नहीं दिया है
या फिर खबही बोलते है बिहार सरकार ने एनओसी नहीं दिया है
इस छावनी ओवर ब्रिज को ले कर अब तक कितने आंदोलन हुए है
सामाजिक विकास सधढ़न  ने भी किया
वो कल से छावनी ओवर ब्रिज के लिए जारी है संघर्ष
सामाजिक एकता सेवा दल के नेतृत्व में छावनी ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर 3 जनवरी को स्टेशन चौक के मुख्य चौराहे पर धरना दिया गया.
धरने में लोगों ने छावनी ओवरब्रिज के शिलान्यास की मांग की. उन्होंने वर्तमान विधायक और सांसद के खिलाफ नारेबाजी व इस्तीफे की मांग की.
हालांकि धरने में प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ओवरब्रिज का शिलान्यास जल्द होगा.
धरना दे रहे सेवा दल का कहना है कि जब तक ओवर ब्रिज का शिलान्यास नहीं किया जाता तब तक यह आन्दोलन जारी रहेगा.
सामाजिक एकता सेवा दल के मुताबिक छावनी ओवर ब्रिज का निर्माण कई सालों से अधर में अटका है. इस ओवरब्रिज के निर्माण न होने से अक्सर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है. अब तक इस जाम के चलते कई लोगों की जानें गईं हैं.
स्थानीय लोगों के मुताबिक़ छावनी ओवरब्रिज का निर्माण न होने से लोगों की जिंदगी का आम हिस्सा सिर्फ इंतज़ार में जा रहा है. लोगों को अपने काम पर जाने में और स्कूली बच्चों को अपने स्कूल में जाने में अक्सर देर हो जाती है.
सामाजिक सेवा एकता दल से जुड़े कार्यकर्ता तुफैल अनवर के मुताबिक वह और उनके साथी कई बार स्थानीय सांसद संजय जयसवाल और विधायक मदन मोहन तिवारी के पास ओवर ब्रिज का शिलान्यास न होने का कारण पूछने गए हैं.
लेकिन वहां से हर बार एक ही जवाब सुनने को मिलता है. विधायक और सांसद एक दूसरे पर ब्रिज के निर्मान न होने का ठीकरा फोड़ते हैं.
सामाजिक सेवा एकता दल के मुताबिक इस तरह से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप मढ़ते हुए कई साल हो चुके हैं. लेकिन बेतिया की जनता अब जाग चुकी है. वह तब तक शांत नहीं बैठेगी, जब तक ब्रिज का शिलान्यास नहीं हो जाता.
इस के बावजूद भी हमारे सांसद और विधायक जी की नींद खुलती है या नहीं

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