रिपोर्ट रिपोर्ट की बात

Posted by storyteller avanish
January 30, 2018

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सरकार और मीडिया कितना किस हद तक किसी मुद्दे को नजरअंदाज करते है ये हाल फिलहाल की घटनाओं का अगर निरीक्षण किया जाए तो पता चल जाये।
कुछ महीने पहले ease of doing business की रिपोर्ट आई जिसमे भारत पिछ्ले साल के मुकाबले काफी सुधार देखने को मिला जो कही ना कही आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमो की वजह से था जो कि अच्छी बात है,
फिर आयी trust in your government की रिपोर्ट जिसमे भी भारत top 5 देशो में से था मतलब की भारत के नागरिकों को अपनी सरकार में विश्वाश है,अच्छी बात है होना भी चाहिए,

अब बात मुद्दे की पिछले दिनों एक और रिपोर्ट आई पर्यावरण की स्थिति को लेकर जिसमे भारत का स्थान रहा 177 out of 180. और आपको हैरानी होगी पुछले साल ये 141 था, दिल्ली सहित तमाम शहरों में जो स्मोग का कहर था उससे तो अंदाजा हो गया था कि स्थिति गंभीर है लेकिन उस समय जो न्यूज़ चैनल ऐसा दिखा रहे थे कि बस अब प्रलय आ गया है, ना जाने ऐसी कौन सी अमृत वर्षा हो गयी और सब ठीक हो गया देश मे कि अब वो एक 5 मिनट का स्लॉट भी अपने न्यूज़ में इस रिपोर्ट को नही दे पा रहे।
सरकार को तो वैसे भी इस मुद्दे से ज्यादा सरोकार था नही चाहे वो दिल्ली की राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार क्योंकि ऐसे मुद्दे वोट नही दिलाते ना। और शायद नेताओ को ऐसा लगता हो कि हर नागरिक उनके ही तरह air purifier / water purifier का उपयोग करता होगा इसलिए प्रदूषण इतनी बड़ी समस्या नही होनी चाहिए। असली मुद्दा तो जनाब बसों का रंग, किसी साहेबजादे का लंच, किसी की शादी की शेरवानी और लहँगा ही है।

सोचने की जरूरत है आम नागरिकों को की आप कितने गंभीर है अपने पर्यावरण को लेकर क्योंकि हमारी उदासीनता का यही हालात रहा तो अगले हो सकता है इस रिपोर्ट से हम बाहर ही हो जाये और नेता चैन की सांस लेंगे, न रहेगा रिपोर्ट न होगा हंगामा।

अवनीश सिंह

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