रेलवे स्टेशन पर लगा बुक व्हीलर और भारत की झलक

Posted by Rishabh Shrivastava
January 24, 2018

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कभी कभार ऐसा लगता है की रेलवे स्टेशन पर लगी यह बुक व्हीलर, भारत क्या है उसकी एक छोटी सी खिड़की हो. सबसे आगे विराट अनुष्का की फ्रंट पेज पेज पर लगी तस्वीर वाली मैग्ज़ीन रखी है, उसी से थोड़ी दूर पर सुप्रीम कोर्ट की फ्रंट पेज पर बनी तस्वीर वाली मैग्ज़ीन भी रखी है. बीच में रोमांटिक, हॉरर और चम्पक पड़ी हुई दिखेंगी. ‘यु कैन विन’ बाई शिव खेरा कभी अपनी जगह से हटती नज़र नहीं आती. व्हीलर के कोने में हिंदी साहित्य भी धूल खाता, ठिठुरता स दिख जाएगा. प्रेमचंद और अन्य हिंदी लेखकों की किताबें थकी हुई सी लगती हैं. सबसे ऊपर एक कोने पर योगी और मोदी की किताबें लगी हैं तो दूसरे कोने पर कार्ल मार्क्स की सफेद ढाड़ी के साथ काली कवर पेज वाली मोटी सी एक किताब दिखेगी. इन सब के बीच हमारे एवरग्रीन अखबार हवा में लहराते मुस्कुराते हुए दिख जाएँगे. यह सारी किताबें और व्हीलर वाला ऐसा लगता है जैसे अंदर से चिल्ला रहे हों की अब तो खरीद लो. ठंड बढ़ रही है और शायद व्हीलर वाला सबसे नीचे लटके हनुमान चालीसा और रामायण के भरोसे कल फिर आ जाएगा. मैंने एक आउटलुक मैग्ज़ीन ले ली.
#नईदिल्ली #दिल्लीहैदिलवालोंकी

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