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सोशल मीडिया

Posted by DeEp Rasina
January 25, 2018

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

सोशल मीडिया के फायदा या नुकसान का तर्क कर पाना बेहद मुश्किल है । इसका एक फायदा है तो कई नुकसान देखने को मिल जाते है । पहले जब ऑरकुट जैसी सोशल साइट पर शायरी और जानकारी ज्यादा तथा अंधविश्वास कम होता था तो आज फेसबुक , व्हाट्सएप आदि पर अंधविश्वास ज्यादा जानकारी कम है । हम ये नही कहते कि जानकारी नही है जानकारी है लेकिन कितने प्रतिशत और कितनी सच ये विचार करने हेतु विषय है ।
सोशल मीडिया पर लोग मैसेज बनाते है इसे शेयर करो और शाम तक आपको खुशखबरी या फायदा आदि होगा लेकिन एक नास्तिक व्यक्ति इसे शेयर नही करता तो क्या उसकी जिंदगी की खुशियां खत्म हो जाती है क्या उसको सिर्फ नुकसान होने लगता है अथवा एक आस्तिक व्यक्ति उसे शेयर कर भी देता है तो क्या उसे फायदा या खुशखबरी मिलने लगती है । यहां बात आस्तिक या नास्तिक की नही बल्कि तर्क और आस्था की है अगर आप उस मैसेज को जितना मर्ज़ी शेयर करो आपके मन मे आस्था और तर्क नामक चीज नही है तो सब बकवास है । क्या शेयर करने से व्यक्ति जीवित हो सकता है क्या सिर्फ शेयर करने से विद्यर्थियों को परीक्षा म् प्रथम श्रेणी मिल सकती है ये तर्क का विषय है । मेहनत के बिना सफलता नही मिल सकती । हमारी आज की पीढ़ी को इस पर गहन विचार करना होगा न कि अंधविश्वास भरे मैसेज से सफलता की उम्मीद करना ।।

सोशल मीडिया देशभक्ति असली और नकली
नागरिक चाहे भारतीय हो पाकिस्तानी हो अमरीकी या बांग्लादेशी हर नागरिक को अपने देश के प्रति देशभक्ति होती है निसन्देह होनी भी चाहिए । क्या सोशल मीडिया में एक फौजी के शहीद हुए शरीर की फ़ोटो को अलग अलग पेज पर शेयर कर के सिर्फ लाइक और कमेंट के लिए इस्तेमाल करना देशभक्ति का विषय है या उस फौजी जवान के शरीर का अपमान । कुछ लोग कह देते है , इस पोस्ट से प्रेरणा मिल सकती है , तो क्या हम उस फौजी जवान की सिर्फ बहादुरी के बारे में पोस्ट (सिर्फ लेख ) कर के लोगो को प्रेरित नही कर सकते , हम उस सम्मान योग्य फौजी के शरीर की तसवीर बार बार पोस्ट कर के कहि खिलवाड़ तो नही कर रहे , आप खुद विचार करिये क्या ये करना सही है ।
सोशल मीडिया झूठ या सच
आजकल टीवी मीडिया भी लगभग झूठ दिखाते हुए गुरेज नही करती , ट्वीटर पर लोग किसी भी फेमस व्यक्ति के नाम पर अपना ट्वीटर एकाउंट का नाम रख के कुछ साम्प्रदयिक या विवादपूर्ण पोस्ट कर के उसका स्क्रीनशॉट लेकर अन्धादुन्ध शेयर कर देते है , और TRP के भूखे कुछ टीवी मीडिया वालों या साइट मीडिया वाले उसका सच जाने बिना , तो सच बताना तो बेहद दूर की बात है उसे पैसे कमाने और पब्लिक्सीटी आदि के लिए लोगो को झूठ परोस देते है , उन्हें इस बात से कतई मतलब नही के उनके इस गलती से समाज मे कुछ भी हो सकता है ।

हमारा उद्देश्य सोशल मीडिया के खिलाफ नकारात्मक विचार फैलाना नही है हम चाहते है आप जो शेयर करते है उस पर विचार करिये उसके पीछे का सच जानिए उस पर थोड़ी रिसर्च करिये । आशा करते है आपको लेख पसन्द आया होगा और आप विचार करंगे .
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दीप रसीना

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