हिस्ट्री की रानी के लिए हल्ला करने वालो इस बात के लिए हल्ला बोलने का दम है तो दिखाओ|

Posted by yashwant singh rawat
January 27, 2018

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दिल्ली में वायु प्रदूषण से  ज्यादा ये गन्दा अमानवीय प्रदूषण है, दूषित मानसिकता का प्रदूषण।

मुझे बहुत बुरा लगता है कि भारत की राजधानी होकर भी यहाँ लेडीज सेफ नही है।

 

हर रोज जब अख़बार पड़ता हूँ तो हर दिन कोई न्यूज़ होती है दिल्ली के आस पास कि,

आज एक युवती यहाँ अगवा हुयी, रेप हुआ, छेड़ छाड़ हुई, रोज ये खबरें बहुत बुरी लगती है, सोचने में मजबूर करती है ,

पता नही लोग हल्ला क्यों नही बोलते, कभी कभार जब निर्भया जैसे केसों में हल्ला होता है तो ऊपर तक आवाज जाती है, वरना हर दिन  ये खबर बन के रह जाती है बस।

हो सकता है कुछ परिचित हल्ला करते होगे, मान लो सुनवाई हो भी जाती होगी कुछ की।

पर ऐसे केस तो रोज आते है।।

ये कब रुकेंगे।

मन कहता है कोई अलग पुलिस हो इन जैसे लोगो के लिए जो इसे खेल समझने वालो को एक सबक दे, वो पुलिस ,साला इन्हें वही ,जहाँ पकडे जाये ,वही गोली से मार दे या जनता को ऐसे लोगो को पिट पिट कर मारने का हक़ दे देना चाहिए।

 

पता नही क्यों समाज में ऐसी भूख बड़ रही है की लोग जबरन कुछ करना चाहते है

 

अब तो इंडिया भी मोर्डन होता जा रहा है, जैसे हो वैसे दिखो न, अपने जैसे ढूढो, उनसे रिलेशन रखो,जो चाहते हो उनसे करो।

 

रेड लाइट एरिया को कुछ लोग सही बताते है कि इनसे ये सब कम होता है, मुझे तो नही लगता,

 

साला ये सब तब कम होगा जब एक  डर इनके दिलो में बनेगा।

 

लोगो को विरोध करना चाहिए जम कर , खुल कर एक बार, अरे यार सोचो कल को तुंम्हारी फॅमिली की कोई लेडीज के साथ ऐसा हो।।

 

दिल्ली में सख्त कानून बने, ऐसे लोगो को सबक सिखाया जाये, वेलेंटाइन के लिए तुम लोग संगठन बनाते हो, वो सब  रिश्ता तुम्हे नही जँचता जो दो लोग अपनी मर्जी में रखते है, अच्छा पर इन जैसे लोगो के लिए क्यों नही कोई ऐसा ग्रुप बनाते हो, क्यों नही निकल पड़ए ऐसी घटना के बाद सड़को और उन लोगो को सबक सिखाने, वहाँ तुम्हारा साहस क्यों मर जाता है, जो मासूम पर विरोध जताने पर दिखाते हो,

इतिहास की रानी को तुम प्रोटेक्ट करने के लिए तुम सीना ठोक कर विरोध करते हो, तो फिर यहाँ जब कोई युवती छेड़ी जाती हूं, वो अपना दर्द बयां करती है तब तुम्हारी हिम्मत क्यों जवाब दे जाती है।

दुसरो के लिए न सही अपने लोगो के लिए तो सोचो, तुम क्या ऐसे माहौल में जीना चाहते हो जहा तुम्हारी माँ, बहने, बीवी या बच्चियां सुरक्षित न हो।

 

निकल पडो न हाथो में लाडी डण्डे लेके दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने, वही घटना के ठीक बाद और कूट डालो उसके गुनाहगारो को,

बताओ  इन्हें, कायम करो एक ऐसा डर की साला फिर कोई पिल्ला सपने में भी न करे किसी की बहन के साथ ऐसा कुछ ।

 

सारे भाई जिन्हें लगता है उनकी माँ बहन, बीवी,बच्चियों रिश्तेदारो ,परिचितो या एक नारी को को सेफ दिल्ली मिले, हल्ला बोलो यार एक दिन,

मैं तो साथ दूंगा।

– yashwant

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