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#MeriPreet

Posted by Arpit Mishra
January 25, 2018

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Meri Preet

दिखती हो किसी ख्वाब की तरह
जिस सवाल का जवाब मैं सदियों से ढूँढ रहा?
तुम लगती हो उस जवाब की तरह
इजहार भी नही किया इकरार भी नहीं किया
प्यार तो बहुत दूर की बात है, उसने इंकार भी नहीं किया
पूरा एक सप्ताह हो गया था उसने मेरे MSG का Rply नहीं किया था। हां कुछ महीनों को हम बाते कर रहे थे पर बाते अधूरी छूट जा रही थी। तो मैंने अपना फोन निकाला or Type किया Dinner @tomorrow 6:00pm.? send किया और गुस्से में हताश होकर सोने चला गया। पता नहीं कैसे सुबह पांच बजे मेरी नींद खुली बंद आंखो से ही मैने फोन ढूंढा तो देखा कि उसका msg सबसे ऊपर था। make it 6:30.. मैं चिल्लाकर बेड से उठा और भागते भागते corridor  में गया। सुबह ५ से ६ का एक ऐसा वक्त होता है जब पूरा hostel  सो रहा होता है, और मैं उस वक्त corridor के एक कोने से दूसरे कोने का चक्कर काट रहा था। अफवाह थी कि मैं पागल हूँ पर उस दिन के बाद सब यकीं करने लग गए थे। पर मुझे लोगों की कहां पड़ी थी मुझे तो लग रहा था कि मैं जाऊं कहां और कैसे? मतलब …..मतलब मेरे साथ एक लड़की चल रही होगी जिसे मैं पहली नजर में देखकर दिल हार चुका हूँ जब उसके msg को पढ़ता हूँ तो दिलो दिमाग मेरे काबू में नहीं रहता। तस्वीर देख लेता हूँ उसकी ओर कहीं खो सा जाता हूँ। उसे सड़क किनारे देखता हूँ तो मैं रास्ता बदल लेता हूँ और आए दिन,,, आए दिन मैं उसी मोड़ पर रूककर उसका इंतजार करता हूँ, और वो मेरे साथ Dinner  पर आ रही है और मुझे उसके सामने पूरे होशो हवाश में रहना है कैसे…. अरे कोई तो बता दो कैसे ???

कहते हैं जब कोई कहानी पूरी न हो…तो उसे एक हसीं मोड़ देकर छोड़ देना चाहिए।
#मेरी_प्रीत इश्क़ की एक दास्ताँ…आज से 4 साल पहले इस किताब को लिखना शुरू किया था, जिंदगी के बहुत से अनकहे किस्से, कुछ पागलपन, कुछ उनकी बेतरतीब बातें और अधूरा इश्क़ सब कुछ को एक किताब का मुकम्मल रूप देना पूरा हुआ। जल्द ही आप से प्रेम की आकांक्षाओं के साथ Blue Ink Publication की तरफ से प्रकाशित होगी। किताब में सिर्फ जज्बातों को लिखने की थोड़ी से कोशिश की है, आपके स्नेह एवं आशीष का आकांक्षी हूँ अब I 
Releasing on: 30/4/2018…
#मेरी_प्रीत
कुछ और ही सोचा था दिल हारने से पहले पर तुम ऐसी ही तो अच्छी हो…. ❤️❤️❤️
कुछ खुद में ही तुम गम रहती हो, मुझसे भी बातें कम करती हो,
कुछ भूल जाने की तुम्हारी आदत, कुछ बेवक्त मुस्कुराना जैसे इबादत
तेरे हर झूठ में भी मुझे लगती तुम सच्ची हो..
कुछ और ही सोचा था दिल हारने से पहले पर तुम ऐसी ही तो अच्छी हो..

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