कस्तूर‘‘बा’’ को जानें …!

Posted by Ramkumar Vidyarthi
February 22, 2018

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देश को गांधी जी की तुलना में ‘‘बा’’ यानि कस्तूरबा को लोग इतना ही जानते हैं कि वह उनकी धर्म पत्नी हैं | ‘‘बा’’ ने किशोरावस्था से अंतिम अवस्था तक सत्य प्रेम करुणा के विचारों को जिया है | वे जब गांधी जी की बातों से सहमत होती तभी किसी आन्दोलन में शामिल होती थी | उनके जीवन से जुड़े कई ऐसे प्रसंग हैं जब उन्होंने अपनी परवाह न करते हुए अहिंसक संघर्ष में महिलाओं के साथ सत्याग्रह किया |

कस्तूरबा गांधी की 74 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 22 फरवरी को गांधी भवन भोपाल में श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर एडीजी पुलिस अनुराधा शंकर सिंह ने कस्तूरबा व गांधी जी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाये। आपने बताया कि जब बापू दांडी यात्रा पर थे तब ‘‘बा’’ बारदोली में शराबबंदी आंदोलन चला रही थी जिसका नेतृत्व बा ने किया । आपने बताया कि कस्तूरबा ने बापू के आंदोलनों को उनके जेल जाने के बाद ताकत प्रदान की।

इस मौके पर कुमुद बहन ने कहा कि बा के जीवन के पहलुओं और नारीवादी नजरिये को सामने लाने की जरूरत है। प्रज्ञा मोहंती ने कहा कि पितृसत्तात्मक समाज को बदलने के लिए बा के जीवन से बड़ी सीख मिलती है। उक्त सभा का संचालन सर्वोदय मंडल के अनीस भाई ने किया। इस मौके पर युवा सन्नी कुमार ने ‘ बापू के भी आगे चले वो ‘‘बा’’ कस्तूरबा हैं ’ कविता सुनायी | इस अवसर पर स्पेन से आये युद्ध विहीन दुनिया नामक आंदोलन के संस्थापक मोंटेसराठ व राफेल ने कहा  कि वे भारत में गांधी को खोजते हुए आये थे और उन्हें यहां कस्तूरबा का विचार मिल गया |

सर्वोदय मंडल म.प्र. द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजली सभा में गांधी भवन न्यास, एकता परिषद, अंश  ,सरोकार व राष्ट्रीय युवा संगठन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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