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केरल में आदिवासी युवक की हत्या पर शर्मनाक है वीरेंद्र सहवाग का मज़हबी ट्वीट

Posted by Prince Mukherjee in Hindi, Society
February 28, 2018

केरल में मानसिक रूप से लाचार 27 वर्षीय आदिवासी युवक मधु की हत्या को लेकर चर्चा का बाज़ार काफी गर्म है। मधु पर आरोप है कि वह खाना खाने के लिए स्थानीय दुकानों से खाने की चीज़ें चुराया करता था। गुरूवार को गांव के ही लोगों ने उसे पकड़कर पहले बंधक बनाया और फिर घंटों उसकी पिटाई की, उसी रोज़ शाम को अस्पताल में मधु ने दम तोड़ दिया।

ग़रीब आदिवासी मधु का मज़ाक बनाते स्थानीय लोग
मौत से पहले ग़रीब आदिवासी मधु का मज़ाक बनाते स्थानीय लोग

मधु की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली। इन सबके बीच टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट करते हुए इस घटना को सांप्रदायिक करार दे दिया।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “मधु ने एक किलो चावल चोरी की। उबैद, हुसैन और अब्दुल करीम की भीड़ ने गरीब आदिवासी की जान ले ली। सभ्य समाज के लिए यह एक अपमान है। मैं इस घटना को लेकर काफी शर्मिंदगी महसूस कर रहा हूं कि ऐसी चीज़ें घटित होती हैं और हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।”

सहवाग ने जैसे ही आदिवासी युवक मधु की हत्या को लेकर ट्वीट किया वैसे ही सोशल मीडिया पर फैंस ने उन्हें जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। ओम प्रकाश चौधरी नामक एक ट्विटर यूज़र, सहवाग के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं- “10 लोगों की भीड़ ने मधु की जान ली जिसमें मुरारी, मनू और मथाचन भी शामिल थे। लेकिन सहवाग आपके ट्वीट के लिए आपका शुक्रिया। कुत्ते को जिस तरह से सिटी मारने पर वह सक्रिय हो जाता है, वैसे ही इस घटना पर आपकी प्रतिक्रिया को संज्ञान में लिया गया है। मुझे आशा है कि आपको इसके लिए सम्मान मिलना चाहिए, और प्लीज़ लोगों के बीच झूठ मत फैलाइए।”

वहीं के.चंद्रकुमार लिखते हैं- “इस घटना में आठ लोग शामिल थे। सहवाग आप अपने फैक्ट्स चेक करें।”

बहरहाल वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट के ज़रिए सोशल मीडिया पर माफी तो मांग ली लेकिन वे इस बात को कतई नहीं मान रहे हैं कि उनका ट्वीट सांप्रदायिक था। उन्होंने ट्वीट के अंत में इस बात का ज़िक्र भी कर दिया कि किसी भी प्रकार से उनका ये ट्वीट सांप्रदायिक नहीं था।हालांकि सहवाग ने कुछ ही देर में एक और ट्वीट कर फैंस से माफी मांग ली।

उन्होंने लिखा- “किसी भी गलती को नहीं मानना दूसरी गलती है। मैं क्षमा चाहूंगा कि अधूरी जानकारी की वजह से मुझसे और भी नाम छूट गए। इसके लिए मैं तहेदिल से आप सभी से माफी मांगना चाहता हूं। लेकिन मेरा ट्वीट किसी भी प्रकार से सांप्रदायिक नहीं था। हत्यारे भले ही धार्मिक रूप से अलग क्यों न हो, लेकिन अपनी हिंसक मानसिकता की वजह से वे एक हैं।”

गौरतलब है कि वीरेंद्र सहवाग ने अपने ट्वीट में एक ही समुदाय के तीन आरोपियों का नाम लिखा है। जबकि केरल पुलिस ने इस मामले में जिन लोगों को नामज़द किया है उनमें अन्य संप्रदायों के लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा सहवाग ने अब अपने ट्विटर अकाउंट से मधु की हत्या को लेकर वह विवादास्पद ट्वीट भी हटा लिया है। उनके मुताबिक यदि वह ट्वीट सांप्रदायिक नहीं था, तो उन्हें उस ट्वीट को हटाने की क्या ज़रूरत पड़ गई।

क्या है पूरा मामला : केरल के पलक्कड़ ज़िले के पास जंगल में करीब दस लोगों की भीड़ ने गुरूवार को मधु नामक शख्स की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से वह स्थानीय दुकानों से खाने की चीज़ें चुराया करता था।

ग्रामीणों ने गरीब आदिवासी मधु को पहले पकड़कर उसकी घंटो पिटाई की और फिर कुछ लोगों ने उसके साथ सेल्फी लेते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की।

शाम को जब घटनास्थल पर पुलिस पहुंची तब मधु की हालत इतनी ख़राब हो गई थी कि वह उल्टी करते हुए बेहोश हो गया। करीब शाम पांच बजे उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसने अंतिम सांस ली। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आदिवासी युवक मधु की हत्या के मामले में 16 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जिनकी पेशी सोमवार को अदालत में होनी थी।

एनडीटीवी से बात करते हुए पल्लकड़ जिला पुलिस चीफ प्रतीश कुमार ने कहा कि मधु के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये बात साफ हो चुकी है कि पिटाई की वजह से मौत हुई है। मधु के शरीर पर चोट के कई निशान हैं। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि शरीर के अंदर गंभीर रूप से ब्लीडिंग होने के कारण उसकी मौत हुई है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मधु की मानसिक हालत ठीक नहीं थी।

मधु की बहन चंद्रिका का बयान : 

आदिवासी युवक मधु की बहन चंद्रिका ने वन विभाग के अधिकारियों पर कर्तव्यों का सही से नहीं पालन करने का आरोप लगाया है। चंद्रिका के मुताबिक मधु जंगल के बीच एक गुफा में रहता था जहां बगैर इजाज़त के कोई नहीं जा सकता था। चंद्रिका कहती हैं कि हम इस बात से हैरान हैं कि लोगों के समूह ने जंगल में घुसकर उसकी पिटाई कैसे कर दी। चंद्रिका आगे कहती हैं कि उसे पीटने के बाद जंगल से थाने ले जाया गया। वह रास्ते में चल भी नहीं पा रहा था। मधु ने जब रास्ते में उस पर ज़ुल्म करने वाले लोगों से पीने के लिए पानी मांगी तब लोगों ने उसे चिढ़ाते हुए पानी की कुछ बुंदे उसे देकर सारा पानी हंसते हुए ज़मीन पर गिरा दिया। ज़ख्मी मधु चलने में सक्षम नहीं था, और वन विभाग की जीप उसके पीछे चल रही थी।

वहीं मृतक मधु की मां की माने तो लोगों ने उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसकी धोती से उसके हाथ बांध दिए और फिर जी भर के उसकी पिटाई की। लोगों ने मोबाइल पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।

आपको बता दे पत्रकारों से बात करते हुए वनमंत्री पी. राजू ने आश्वासन दिया है कि मधु की बहन की ओर से उठाए गए सवालों की वह जांच करवाएंगे और अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाई की जाएगी।

मालूम हो कि अट्टाप्पदी, पल्लकड़ ज़िले का एक आरक्षित वन क्षेत्र है जहां सूबे की आदिवासी आबादी का एक बड़ा तबका रहता है। यह इलाका हमेशा आदिवासी बच्चों में कुपोषण, चाइल्ड डेथ और आदिवासी महिलाओं के सेक्सुएल हैरेसमेंट के लिए सुर्खियों में रहता है।

गुरमेहर कौर मामले में भी फज़ीहत झेल चुके हैं सहवाग :

फरवरी 2017 में वीरेंद्र सहवाग ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर हाथ में कागज़ लिए एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें लिखा – दो तिहरे शतक मैनें नहीं बनाए, मेरे बल्ले ने बनाए। उन्होंने ट्वीट में यह भी लिखा बैट में है दम। #भारत_जैसी_जगह_नहीं।

इससे पहले शहीद कैप्टन मनदीप सिंह की बेटी और लेडी श्रीराम कॉलेज की 21 वर्षीय छात्रा गुरमेहर कौर ने अपने फेसबुक पर कुछ पोस्ट डाले थे जिसमें उसके हाथ में ABVP के विरोध में बैनर थे। साथ ही लिखा था कि मेरे पिता को पाकिस्तान ने नहीं, युद्द ने मारा है। हालांकि सहवाग ने बगैर किसी का नाम लिए ट्वीट किया था, लेकिन उनके ट्वीट से यह स्पष्ट था कि उन्होंने गुरमेहर कौर पर कटाक्ष किया है।

ट्विटर पर ट्रोल करने की है सहवाग की पुरानी आदत :

ये कोई नई बात नहीं है जब वीरेंद्र सहवाग ने इस तरह से ट्विटर पर कोई गैरज़रूरी पोस्ट किया हो। इससे पहले भी वे ट्विटर पर भारत के अलावा अन्य मुल्कों के क्रिकेटर्स और सेलिब्रिटीज़ को अपने ट्वीट के ज़रिए आड़े हाथ ले चुके हैं।

पत्रकारिता के संदर्भ में वर्तमान समय में लगभग हर रोज़ दो-चार खबरें तो सहवाग के ट्वीट पर बन ही जाती हैं। अभी हाल ही में ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप की जीत पर वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम के लिए एक ट्वीट किया था, जिसे लेकर भारत के कप्तान अजय रेड्डी ने आपत्ति जताई थी।

दरअसल सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा था- “हमारी दूसरी ‘मैन इन ब्लू’ को बधाई हो जिसने ये वर्ल्ड कप जीता।” इस पर भारत के कप्तान अजय रेड्डी ने सहवाग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि “हम उसी जर्सी से खेलते हैं और उसी देश के लिए, उसी जज्बे से खेलते हैं तो हमें दूसरे ‘मैन इन ब्लू’ क्यूं कहा गया। उन्होंने हमे बधाई दी, लेकिन ‘दूसरे मैन इन ब्लू’ कहने की कोई ज़रूरत नहीं थी। हम एक ही ‘मैन इन ब्लू’ हैं।”

केरल में आदिवासी युवक मधु की भीड़ द्वारा हत्या पर न सिर्फ वीरेंद्र सहवाग का ट्वीट घातक है बल्कि एक गरीब आदिवासी को भोजन चोरी के आरोप में बुरी तरह से पिटाई कर मौत की नींद सुला देना भी इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना है।

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